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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:56 · नई दिल्ली संस्करण

पूर्वी लद्दाख के गोगरा हाइट्स से पीछे हटेंगे भारत और चीन के सैनिक

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

भारत और चीन पूर्वी लद्दाख के गोगरा हाइट्स क्षेत्र जिससे पीपी 17 ए के नाम से जाना जाता है से अपनी सेना हटाने पर राजी हो गए हैं। भारत-चीन कोर कमांडर स्तर की बैठक का 12वां दौर भारत की ओर चुशुल-मोल्डो सीमा मिलन स्थल पर आयोजित किया गया।

नई दिल्ली : पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सैन्य गतिरोध दूर करने की दिशा में काफी दिनों बाद सकारात्मक संकेत मिले हैं। दोनों देशों ने अपनी सेनाओं को गोगरा इलाके से पीछे हटाने पर सहमति जताई है। भारत और चीन के बीच 12वें दौर की कोर कमांडर स्तर की बातचीत में दोनों पक्ष पट्रोलिंग पाइंट 17-ए से पीछे हटने के लिए तैयार हुए हैं। पूर्वी लद्दाख सेक्टर में इस पेट्रोलिंग पाइंट को लेकर दोनों देशों में गतिरोध बना हुआ था।

12वें दौर की कोर कमांडर स्तर की बातचीत में बनी सहमति

सूत्रों ने बताया कि 12वें दौर की बातचीत में दोनों पक्षों में पेट्रोलिंग पाइंट 17-ए से पीछे हटने को लेकर समझौता हुआ है। पट्रोलिंग पाइंट 17-ए को गोगरा के नाम से जाना जाता है। इससे पहले इस साल फरवरी में दोनों पक्ष पैंगोंग झील से अपने सैनिकों को पीछे हटाने पर सहमत हुए थे। सूत्रों ने कहा कि जमीनी कार्रवाई की पुष्टि की जाएगी। उम्मीद है कि जल्द ही इस सिलसिले में कदम उठाया जाएगा।दोनों पक्ष पीपी-15 (हाट स्पि्रंग्स) और डेपसांग सहित टकराव के अन्य बिंदुओं को हल करने के लिए अपनी बातचीत जारी रखेंगे।

टकराव के अन्य बिंदुओं को हल करने के लिए जारी रखेंगे बातचीत

वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चुशुल-मोल्डो में 31 जुलाई को दोनों देशों के बीच वार्ता हुई थी, जिसके बाद उन्होंने दो अगस्त को एक संयुक्त बयान जारी किया था। बयान के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच सीमा के पश्चिमी इलाके में वास्तविक नियंत्रण रेखा से सैनिकों की वापसी पर विचारों का स्पष्ट और गहन आदान-प्रदान हुआ। दोनों पक्षों ने इस बात पर ध्यान दिया कि बैठक का यह दौर रचनात्मक रहा, जिसने आपसी समझ को और बढ़ाया।

बयान में कहा गया कि दोनों पक्ष मौजूदा समझौतों और प्रोटोकाल के अनुसार शेष मुद्दों को शीघ्रता से हल करने और बातचीत की गति को बनाए रखने पर सहमत हुए। बयान के मुताबिक, दोनों देश इस बात के लिए राजी हैं कि पश्चिमी सेक्टर में एलएसी पर स्थिरता बनाए रखने के लिए वे संयुक्त प्रयास जारी रखेंगे और शांति बनाए रखने के लिए काम करेंगे।

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