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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:43 · नई दिल्ली संस्करण

सिलीगुड़ी जिला अस्पताल डॉक्टर की लिखावट बनी परेशानी, शिकायत करने पर मरीज से बदसलूकी का आरोप

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सिलीगुड़ी जिला अस्पताल डॉक्टर की लिखावट बनी परेशानी, शिकायत करने पर मरीज से बदसलूकी का आरोप

सिलीगुड़ी। एक बार फिर सिलीगुड़ी जिला अस्पताल दूसरे मामले में घिर गया है। आरोप है कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवा की पर्ची दवा विक्रेता पढ़ नहीं पाए और इसकी शिकायत लेकर पहुंचे मरीज के परिजनों को अस्पताल के सुपरिटेंडेंट के पास अपमान का सामना करना पड़ा। यह गंभीर आरोप मंगलवार को सामने आया।मिली जानकारी के अनुसार, सिलीगुड़ी की निवासी दीपाली सरकार आंखों की समस्या से पीड़ित है। 24 जनवरी को आउटडोर बंद होने के कारण उन्हें अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया था। वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने एक दवा लिखकर बाहर से खरीदने की सलाह दी।शिकायतकर्ता के पड़ोसी विश्वजीत तालुकदार का दावा है कि उक्त पर्ची लेकर शहर की कई नामी दवा दुकानों में गए, लेकिन कोई भी दवा का नाम पढ़ नहीं सका। इधर, लगातार दो दिन की छुट्टी के कारण मरीज को विशेषज्ञ डॉक्टर भी नहीं दिखाया जा सका। मंगलवार को विश्वजीत तालुकदार इस समस्या की शिकायत लेकर अस्पताल के सुपरिटेंडेंट चंदन घोष के पास पहुंचे। आरोप है कि समस्या सुलझाने के बजाय सुपरिटेंडेंट ने पर्ची फाड़ने की कोशिश की और ‘जो करना है कर लो’ कहते हुए धमकाया।परिजनों का यह भी कहना है कि अस्पताल के अन्य डॉक्टरों ने उक्त मामले से जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया और उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज जाने की सलाह दी।हालांकि, सुपरिंटेंडेंट चंदन घोष ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने उनके पास इस तरह की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है और पूरा मामला निराधार है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि लिखित शिकायत आती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मरीज को आगामी रविवार को दोबारा अस्पताल आने की सलाह दी गई है। अस्पताल के इस कथित असहयोगी रवैये को लेकर परिजनों में गहरा आक्रोश है।

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