सरकार के इस नए फरमान से शराबियों को लगा झटका, दूसरे के पैसे से दारू...
अब शराब खरीदने के लिए ऑनलाइन पेमेंट अनिवार्य होगा। यूपी आबकारी विभाग की नई नीति के तहत सभी ठेकों पर QR कोड और POS मशीन लगेगी। ग्राहक को UPI या कार्ड से ही पेमेंट करना होगा, ताकि ओवररेटिंग और राजस्व चोरी रोकी जा सके। शर्त: पेमेंट उसी व्यक्ति के नाम से होना चाहिए जो खरीद रहा है और दुकान पर कैमरा वेरिफिकेशन जरूरी होगा। दूसरे के UPI से शराब नहीं मिलेगी।

उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में शराब बिक्री को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब ठेके पर जाकर कैश देकर शराब खरीदने का जमाना खत्म होने वाला है। आबकारी विभाग की नई नीति के तहत अब शराब खरीदने के लिए ऑनलाइन पेमेंट अनिवार्य किया जा रहा है, लेकिन इसके साथ एक बड़ी शर्त भी जोड़ी गई है जिसने सभी का ध्यान खींचा है। नई व्यवस्था के अनुसार, अब प्रदेश के सभी देसी, अंग्रेजी और बीयर की दुकानों पर QR कोड और POS मशीन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। ग्राहक को शराब की कीमत का भुगतान UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या मोबाइल वॉलेट से ही करना होगा। कैश पेमेंट को पूरी तरह से बंद नहीं किया गया है, लेकिन विभाग का लक्ष्य है कि 90% से ज्यादा ट्रांजेक्शन डिजिटल हो।
इसका मुख्य मकसद शराब बिक्री में पारदर्शिता लाना और ओवररेटिंग पर रोक लगाना है। अक्सर शिकायत आती थी कि ठेकेदार MRP से ज्यादा पैसे वसूलते हैं और कैश का कोई हिसाब नहीं होता। जब पेमेंट ऑनलाइन होगा तो हर बोतल की बिक्री का रिकॉर्ड सीधे आबकारी विभाग के सर्वर पर जाएगा। इससे राजस्व चोरी पर भी लगाम लगेगी। सरकार ने इस नियम में एक शर्त रखी है जो सबसे अहम है। शराब खरीदने के लिए ऑनलाइन पेमेंट तभी मान्य होगा जब ग्राहक का मोबाइल नंबर और पेमेंट ID एक ही नाम से लिंक हो और दुकान पर लगे कैमरे के सामने चेहरा वेरिफाई हो। यानी आप किसी दूसरे के UPI से शराब नहीं खरीद पाएंगे। इसके अलावा, 21 साल से कम उम्र के लोगों का पेमेंट सिस्टम ही एक्सेप्ट नहीं करेगा।
इसके लिए आबकारी विभाग आधार से लिंक वेरिफिकेशन सिस्टम पर काम कर रहा है। एक व्यक्ति एक दिन में एक दुकान से तय लिमिट से ज्यादा शराब भी नहीं खरीद सकेगा। इससे नाबालिगों द्वारा शराब खरीदने और एक ही व्यक्ति द्वारा थोक में शराब लेकर ब्लैक करने की समस्या खत्म हो जाएगी। जानकारी के अनुसार, यह नई व्यवस्था पहले चरण में लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की जाएगी। सफल रहने पर 1 अप्रैल 2027 से पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। आबकारी आयुक्त ने सभी जिला आबकारी अधिकारियों को 15 फरवरी तक सभी दुकानों पर QR कोड और कैमरा सिस्टम लगाने का निर्देश दिया है।
इस फैसले के बाद ग्राहकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया आ रही है। कुछ लोग इसे स्वागतयोग्य कदम बता रहे हैं क्योंकि इससे ओवररेटिंग खत्म होगी और छुट्टे पैसों का झंझट भी खत्म होगा। वहीं ग्रामीण इलाकों में जहां अभी भी लोग कैश पर ज्यादा निर्भर हैं, वहां इसे लेकर नाराजगी भी है। दुकानदारों का कहना है कि नेटवर्क इश्यू और सर्वर डाउन होने पर बिक्री प्रभावित होगी। फिलहाल आबकारी विभाग ने साफ किया है कि इमरजेंसी स्थिति के लिए कैश का विकल्प खुला रहेगा, लेकिन ऑनलाइन पेमेंट को ही बढ़ावा दिया जाएगा।




