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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:06 · नई दिल्ली संस्करण

गाजियाबाद : केदार घाटी में फंसे दस युवकाें के सकुशल लौटने पर शकूरपुर गांव में खुशी की लहर

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

गाजियाबाद,। केदार घाटी में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं के बाद

फंसे भोजपुर के शकुरपुर गांव के दस युवक की सकुशल वापसी के लिए परिजन व

गांव के लोग रात-दिन भगवान से दुआ कर रहे थे। रविवार को जब दसों युवक सकुशल

गांव में पहुंचे तो गांव का माहौल एकदम बदल गया। परिजन व गांव वाले खुशी

से उछल पड़े। परिजनों ने आरती उतारकर युवकों का स्वागत किया और भगवान का

धन्यवाद किया।

आपको बता दें कि शकूरपुर गांव निवासी अंकुश कुमार,

अनुज, सूरज कुमार, राघव, सचिन कुमार, अनुज, जतिन, विष्णु, नितेश कुमार व

अभिषेक कुमार अलग-अलग बाइकों से उत्तराखंड के केदारधाम आदि धार्मिक स्थानों

के दर्शनों के लिए गए थे। लेकिन केदार घाटी में बादल फटने और भूस्खलन की

घटना के बाद वहां फंस गए थे। इसकी सूचना मिलने पर परिजन व ग्रामीण बेहद

परेशान थे और दिन रात उनकी सलामती की प्रार्थना कर रहे थे। सभी युवक

रविवार को सकुशल लौट आये।

सेना के जवान हमारे लिये भगवान बनकर आये

वापस लौटे सचिन ने बताया कि 31 जुलाई को वे लोग केदारधाम पहुंचे और टेंट

किराये पर लेकर वहीं रुक गए। तभी रात में केदार घाटी में बादल फट गया और

भूस्खलन हो गया। स्थानीय प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई कि केदारनाथ धाम

के मार्ग बंद हो गए। प्रशासन ने यह भी घोषणा कराई कि जो जहां है, वो वहीं

रहे। तीन दिन तक वह वहीं फंसे रहे। सेना ने उन्हें खाद्य सामग्री उपलब्ध

कराई। सचिन ने बताया कि सेना के जवान उनके लिए भगवान बनकर आए और रेस्क्यू

कर उन्हें वहां से सुरक्षित निकाला। हम जीवन भर सेना के ऋणी रहेंगे।

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