मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:30 · नई दिल्ली संस्करण

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में प्रतिनिधि वाद पर हो सुनवाई, अन्य 17 केसों पर लगे रोक: मुस्लिम पक्ष शाही ईदगाह प्रबंध समिति के सचिव की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल की गई है अर्जी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में प्रतिनिधि वाद पर हो सुनवाई, अन्य 17 केसों पर लगे रोक: मुस्लिम पक्ष  शाही ईदगाह प्रबंध समिति के सचिव की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल की गई है अर्जी

प्रयागराज । इलाहाबाद हाईकोर्ट में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद मामले में मुस्लिम पक्ष ने अर्जी दाखिल कर सिर्फ प्रतिनिधि वाद भगवान श्रीकृष्ण विराजमान और चार अन्य (17/2023) पर सुनवाई करने तथा अन्य 17 केसों पर रोक लगाने की मांग की है। यह अर्जी शाही ईदगाह की प्रबंध समिति के सचिव अधिवक्ता तनवीर अहमद ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से दाखिल की है।मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर को लेकर कई भक्तों और संगठनों ने अलग-अलग 18 वाद दायर कर रखे हैं। 18 जुलाई 2025 को वाद संख्या-17 को प्रतिनिधि वाद बनाए जाने की अर्जी कोर्ट ने स्वीकार कर ली है। मामले में अब मुस्लिम पक्ष ने सिर्फ प्रतिनिधि वाद पर सुनवाई किए जाने के लिए अर्जी दाखिल की है। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि सभी 18 केसों में मुद्दा एक ही हैं और सभी वादी अपने को भगवान श्रीकृष्ण का भक्त बताते हैं। ऐसे में एक जैसे मामलों की अलग-अलग सुनवाई से अदालतों पर अनावश्यक दबाव पड़ेगा और एक ही मुद्दे पर अलग-अलग फैसले आने की आशंका बनी रहेगी।मुस्लिम पक्ष ने अर्जी में कहा कि हाईकोर्ट ने पहले ही वाद संख्या 17/2023 को प्रतिनिधि वाद घोषित कर दिया है। ऐसे में प्रतिनिधि वाद में जो भी फैसला आएगा, वे सभी भक्तों के लिए मान्य होगा। ऐसे में बाकी सभी 17 वादों की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए ताकि प्रतिनिधि वाद बनाए जाने का उद्देश्य पूरा हो सके। मुस्लिम पक्ष ने अदालत से मांग की है कि वाद संख्या 1/2023, 2/2023, 3/2023, 4/2023, 5/2023, 6/2023, 7/2023, 9/2023, 10/2023, 11/2023, 12/2023, 13/2023, 14/2023, 15/2023, 16/2023 और 18/2023 में आगे की सभी कार्यवाहियों पर तत्काल रोक लगाई जाए और सिर्फ प्रतिनिधि वाद पर सुनवाई हो। खास बात यह है कि एक वाद को प्रतिनिधि वाद बनाए जाने पर अन्य वादकारियों ने भी फैसले को चुनाैती दी है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें