संजय राउत का सनसनीखेज दावा: फडणवीस के भविष्य से लेकर मराठा आरक्षण और पंचगंगा प्रदूषण पर दी प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस को लेकर पिछले कई दिनों से कयास लगाए जा रहे हैं कि वे अब केंद्र की राजनीति में आ सकते हैं। इसको लेकर ना तो फडणवीस और ना ही बीजेपी के शीर्ष लीडरशिप ने कोई आधिकारिक पुष्टि की है। इस बीच महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री और बीजेपी नेता पंकजा मुंडे ने सीएम देवेंद्र फडणवीस के केंद्र सरकार में शामिल होने की अटकलों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि फडणवीस इस समय महाराष्ट्र में जहां हैं, वहीं उनकी जरूरत है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पंकजा मुंडे ने कहा कि ऐसा फैसला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या पीएम मोदी की मंजूरी के बिना नहीं हो सकता।
रिपोर्ट के मुताबिक पंकजा मुंडे ने फडणवीस की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक प्रभावशाली और अकादमिक रूप से मजबूत नेता हैं। उन्होंने कहा कि वह पिछले करीब ढाई दशक से फडणवीस के साथ काम कर रही हैं। मैं सिर्फ प्रार्थना कर सकती हूं कि वह वर्तमान पद से आगे बढ़ें। हालांकि, अभी उन्हें वहीं जरूरत है, जहां वह हैं। पंकजा का यह बयान शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के उस हालिया दावे के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी फडणवीस को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहते हैं।
संजय राउत ने दावा किया था कि आरएसएस देश की राजनीति में एक बड़े बदलाव का पुरजोर समर्थन कर रहा है, जिसके तहत देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली बुलाकर उन्हें उप-प्रधानमंत्री का पद सौंपने की कोशिश की जा रही है। राउत ने दावा किया कि भगवा परिवार दिल्ली के बाहर के किसी प्रमुख नेता को पीएम मोदी के राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर स्थापित करने की तैयारी कर रहा है और इस अहम पद के लिए फडणवीस सबसे आगे चल रहे हैं।
संजय राउत के मुताबिक आरएसएस और पार्टी से जुड़ी अन्य अहम शख्सियतें फडणवीस को दिल्ली लाने की योजना बना रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला करते हुए राउत ने दावा किया कि इतिहास गवाह है कि कोई भी पूर्व गृह मंत्री कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भले ही अमित शाह शीर्ष पद पाने की बड़ी महत्वाकांक्षा रखते हों, लेकिन उन्हें पार्टी के अंदर कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक सत्ताधारी पार्टी के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने कैबिनेट में संभावित फेरबदल को लेकर नेतृत्व को अल्टीमेटम दिया है।
पंकजा मुंडे ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के जारी अनशन पर कहा कि राज्य सरकार संवैधानिक दायरे में रहते हुए उनकी मांगों को पूरा करने के लिए कोशिश कर रही है। जरांगे की मांग है कि जिन मराठाओं के कुनबी रिकॉर्ड मिले हैं, उन्हें जाति प्रमाणपत्र जारी किए जाएं। इसके अलावा, वह कोल्हापुर, सतारा और मुंबई गजेटियर में मौजूद प्रावधानों को लागू कर मराठाओं को कुनबी के रूप में मान्यता देने की मांग कर रहे हैं।
पंकजा ने कहा कि सरकार ने जरांगे से बातचीत के लिए राधाकृष्ण विखे पाटील की अध्यक्षता में मंत्रियों की एक समिति गठित की है। उन्होंने कहा कि सरकार संवैधानिक दायरे में रहते हुए उनकी मांगों के साथ न्याय सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है। बाद में पंकजा मुंडे ने अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इसमें पंचगंगा नदी में प्रदूषण से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई।





