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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:38 · नई दिल्ली संस्करण

चुनाव आयोग तमिलनाडु और पुडुचेरी में मतदाताओं को जागरुक करने के लिए करेगा एआई का इस्तेमाल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
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चेन्नई। भारतीय निर्वाचन आयोग तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी समेत चार राज्यों के आगामी विधानसभा चुनावों में मतदाताओं को जागरुक करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करेगा।

जानकारी सामने आई है कि निर्वाचन आयोग ने मीडिया एजेंसियों, क्रिएटिव प्रोफेशनल्स और लोगों को एआई से बने अवेयरनेस वीडियो बनाने के लिए बुलाया है, जो खास इलेक्शन थीम पर फोकस करेंगे। इनमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का काम करना, वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट), एथिकल वोटिंग प्रैक्टिस और बिना किसी डर या लालच के इलेक्शन में हिस्सा लेने की अहमियत शामिल है।

यह कैंपेन व्यवस्थित मतदाता शिक्षा और चुनावी भागीदारी (स्वीप) प्रोग्राम के तहत चलाया जाएगा, जो चुनाव आयोग का सबसे बड़ा मतदाता संपर्क प्लेटफॉर्म है। पहले स्वीप कंटेंट में मीडिया हाउस की बनाई छोटी फिल्में, जिंगल, गाने और जानकारी देने वाले विज्ञापन शामिल होते थे। हालांकि, यह पहली बार है जब चुनाव आयोग ने मतदाता शिक्षा सामग्री बनाने के लिए एआई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को आधिकारिक तौर पर बढ़ावा दिया है।

एक आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, सभी एआई-आधारित वीडियो बातचीत वाले और आसानी से समझ में आने वाले फॉर्मेट में होने चाहिए।

एजेंसियों या लोगों की ओर से सबमिट की गई स्क्रिप्ट की जांच की जाएगी और प्रोडक्शन शुरू होने से पहले इलेक्शन डिपार्टमेंट उन्हें मंजूरी देगा।

अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त गाइडलाइंस भी जारी की हैं कि कंटेंट पूरी तरह से गैर-राजनीतिक, न्यूट्रल और बिना किसी भेदभाव के रहे।

वीडियो तमिल या अंग्रेजी में बनाए जा सकते हैं। तमिल भाषा के प्रोडक्शन में ज्यादा लोगों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए इंग्लिश सबटाइटल होने चाहिए।

अधिकारियों ने कहा कि हर मंजूर वीडियो प्रोजेक्ट को 50 हजार रुपए की फाइनेंशियल मदद मिलेगी। एआई से चलने वाले कंटेंट के अलावा सेलिब्रिटी वाले मतदाता जागरुकता वाले वीडियो भी रिलीज करने का प्लान है।

फाइनल प्रोडक्शन मूवी थिएटर, टेलीविजन चैनल और सोशल मीडिया जैसे कई प्लेटफॉर्म पर दिखाने के लिए अनुकूल होने चाहिए।

चुनाव अधिकारियों का मानना ​​है कि मतदाताओं को जागरुक करने में एआई को इंटीग्रेट करने से मैसेज ज्यादा असरदार बनेंगे और यह देशभर में जानकारी के साथ चुनाव में हिस्सा लेने को बढ़ावा देने के मकसद से यह एक भारतीय स्टाइल के बिना किसी पार्टी के 'वोट के लिए बाहर निकलो' कैंपेन की शुरुआत हो सकती है।

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