लोस चुनाव : यूपी में 08 लाख स्थानों पर ड्राइंग रूम संगोष्ठी करेगा आरएसएस
लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने प्रधानमंत्री
नरेन्द्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने के लिए चुनाव प्रचार अभियान
की कमान संभाल ली है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लोकसभा चुनाव की दृष्टि से
उत्तर प्रदेश में 08 लाख स्थानों पर छोटी-छोटी ड्राइंग रूम संगोष्ठी करेगा।
प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में आरएसएस ने 10 हजार स्थानों पर ड्राइंग रूम
संगोष्ठी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह संगोष्ठियां प्रारम्भ भी हो
गयी है। संगोष्ठी में जाने वाले वक्ताओं के नाम भी चयनित कर लिये गये हैं।
उत्तर प्रदेश के सभी लोकसभा क्षेत्रों में वक्ताओं का प्रशिक्षण पूरा हो
चुका है। पूरे उत्तर प्रदेश में 32 हजार वक्ताओं का चयन कर उन्हें
प्रशिक्षित किया गया है।
सूत्रों की मानें तो संघ के
प्रशिक्षित वक्ता संगोष्ठियों में जाकर केन्द्र सरकार द्वारा देश, समाज,
धर्म-आध्यात्म एवं हिन्दुत्व के विषयों पर किए गए कार्यों से लोगों को अवगत
करायेंगे। इसके अलावा वह सपा, बसपा और कांग्रेस की सरकार एवं भाजपा की
सरकार के अन्तर से भी रू-ब-रू करायेंगे। इसके लिए संघ की ओर से एक छोटी
पुस्तिका व विशेष पत्रक भी तैयार किया गया है। इस पत्रक को मतदाताओं के
परिष्कार हेतु बांटा जा रहा है।
बूथस्तर तक लगे हैं संघ के कार्यकर्ता
भाजपा
ने जहां धुंआधार चुनाव प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। वहीं संघ परिवार
योजनाबद्ध तरीके से कार्यक्रमों की रचनाकर अधिक से अधिक घरों तक सीधे
पहुंचकर मतदाताओं को परिष्कृत करने में जुटा हुआ है। संघ ने चुनाव की
दृष्टि से कलस्टर से लेकर जिला,तहसील,खण्ड व बूथ स्तर तक संरचना खड़ी की
है। इस काम में लगे कार्यकर्ताओं की प्रत्यक्ष व वर्चुवल बैठकें भी हो रही
हैं। संघ के कार्यकर्ता छोटी—छोटी बैठकें कर लोकमत परिष्कार का काम कर रहे
हैं।
मतदाताओं को घर से निकालने में लगेंगी स्वयंसेवकों की टोलियां
जैसे-जैसे
गर्मी का मौसम बढ़ रहा है उसी तरह राजनीतिक पारा भी बढ़ता जा रहा है। चौथे
व पांचवें चरण का चुनाव आते-आते प्रदेश में भीषण गर्मी रहेगी। इसलिए संघ
का प्रयास है कि मतदान प्रतिशत घटने न पाये। इसके लिए स्वयंसेवकों की
टोलियां मतदाताओं को घरों से बुलाने जायेंगी। इसके अलावा बूथ स्तर पर संघ
ने कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी यह ध्यान रखेगी कि किसका वोट पड़ा और
किसका वोट नहीं पड़ा। अगर कोई मतदाता वोट देने नहीं आया है तो संघ के
स्वयंसेवक उसे बुलाकर वोट डलवाने का भी काम करेंगे।
संघ के
एक पदाधिकारी ने बताया कि आरएसएस का स्वयंसेवक प्रत्येक चुनाव में लोकमत
परिष्कार के लिए काम करता है। लोकतंत्र में प्रत्येक वोट की कीमत है। इस
नाते संघ का स्वयंसेवक लोकमत परिष्कार के जरिए देश व समाज हित में वोट
डालें, इसके लिए मतदाताओं को जागरूक करता है। लोकतंत्र के इस पर्व में इस
बार भी सभी स्वयंसेवक लोकमत परिष्कार हेतु जुटे हुए हैं।





