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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:45 · नई दिल्ली संस्करण

सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, संचार और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना जरूरी: धामी

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, संचार और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना जरूरी: धामी

वाराणसी में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक संपन्नमुख्यमंत्री धामी ने सैटेलाइट संचार सेवाओं के विस्तार पर दिया जोरवाराणसी। मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक यहां मंगलवार को नदेसर स्थित एक होटल में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, संचार और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने का आग्रह किया।इस महत्वपूर्ण बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी भाग लिया। बैठक में भाग लेने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा कि बैठक के दौरान उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, संचार और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के माध्यम से अधिक सहयोग का आग्रह किया है। साथ ही वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत सीमांत गांवों में सुविधाओं के विकास, भारत नेट और सैटेलाइट संचार सेवाओं के शीघ्र विस्तार पर उन्हाेंने अपने विचार रखे।धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अनुदान प्रक्रिया को सरल बनाने, 1989 की दूरस्थ घाटी अधिसूचना को निरस्त करने और मानसून के दौरान उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, अतिवृष्टि व बादल फटने जैसी आपदाओं से सड़कों को होने वाली क्षति के दृष्टिगत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के सुचारू संचालन के लिए राज्य को अतिरिक्त सहयोग देने की आवश्यकता पर सुझाव दिया। राज्य में ग्लेशियर अध्ययन केंद्र, जैव विविधता संरक्षण संस्थान और अंतरराष्ट्रीय साहसिक खेल प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा। साथ ही नंदा राजजात यात्रा (2026) और 2027 के कुंभ मेले के सफल आयोजन के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया।धामी ने अपनी पाेस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के विकल्प रहित संकल्प को पूर्ण करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। हमारी सरकार भी इसी लक्ष्य के अनुरूप प्रदेश को विकसित उत्तराखंड के रूप में स्थापित करने के लिए तीव्र गति से कार्य कर रही है, ताकि राज्य का हर नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके और "विकसित भारत" के निर्माण में सक्रिय भागीदार भी बन सके।बैठक में सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ का भी मामला उठा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की ओर से सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा और प्रशासनिक समन्वय के लिए एक “संयुक्त विशेष कार्यबल” के गठन का प्रस्ताव रखा। इसके अंतर्गत राज्य पुलिस, खुफिया एजेंसियों और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों के बीच रियल टाइम सूचना साझा करने की व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि यूपी सरकार ने सीमावर्ती जिलों में ड्रोन और एआई आधारित निगरानी प्रणाली की स्थापना की योजना बनाई है, जिससे अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।

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