मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:29 · नई दिल्ली संस्करण

आरजी कर बलात्कार-हत्या कांड : ‘बड़ी साजिश’ की जांच की मांग को लेकर पीड़िता के माता-पिता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
आरजी कर बलात्कार-हत्या कांड : ‘बड़ी साजिश’ की जांच की मांग को लेकर पीड़िता के माता-पिता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया

कोलकाता। अगस्त 2024 में राज्य संचालित आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ड्यूटी के दौरान दुष्कर्म और हत्या की शिकार हुई महिला चिकित्सक के माता-पिता ने मंगलवार को यहां की अदालत में याचिका दायर कर मामले में “बड़ी साजिश” के नजरिये से जांच की मांग की।पीड़िता के परिजनों ने अदालत से अनुरोध किया है कि घटना की रात ड्यूटी पर मौजूद सभी लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए। उन्होंने प्रारंभिक जांच से जुड़े एक कोलकाता पुलिस अधिकारी से भी कस्टोडियल पूछताछ की मांग की है। परिजनों ने केंद्रीय जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच पर असंतोष जताते हुए कहा कि एजेंसी ने नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को एकमात्र आरोपित बताया है, जबकि “बड़ी साजिश” के पहलू को नजरअंदाज किया गया।पीड़िता के पिता ने संवाददाताओं से कहा, “हमारा मानना है कि हमारी बेटी के साथ हुई इस जघन्य घटना में सिर्फ संजय रॉय शामिल नहीं हो सकता। उस रात कुछ और लोग भी थे। हमने सियालदह अदालत से प्रार्थना की है कि सभी संदिग्धों, जिनमें एक कोलकाता पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं, को हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए।”उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई द्वारा कराए गए पॉलीग्राफ परीक्षण को अंतिम और अचूक साक्ष्य नहीं माना जा सकता, क्योंकि देश की विभिन्न अदालतों के पूर्व आदेशों में ऐसे परीक्षणों की सीमाएं स्पष्ट की गई हैं। उन्होंने कहा कि हमने अदालत से हमारी याचिका और बड़ी साजिश के सिद्धांत पर विचार करने का अनुरोध किया है। अदालत ने हमारी याचिका स्वीकार कर ली है।इस दर्दनाक घटना ने देशभर में व्यापक आक्रोश पैदा किया था। बड़ी संख्या में लोग, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, सड़कों पर उतरे थे और कई महीनों तक विरोध प्रदर्शन जारी रहे। पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट ने भी कोलकाता में अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल की थी।गौरतलब है कि निलंबित नागरिक पुलिसकर्मी संजय रॉय को दोषी ठहराए जाने के बाद आजीवन कारावास (मृत्यु तक) की सजा सुनाई जा चुकी है।परिजनों ने कहा है कि जब तक इस जघन्य अपराध में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उन्हें सजा नहीं दिलाई जाती, तब तक उनकी कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। मामले में आगे की सुनवाई का इंतजार है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें