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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:32 · नई दिल्ली संस्करण

आरजी कर केस : कलकत्ता हाई कोर्ट की नई डिवीजन बेंच में आज अहम सुनवाई

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
आरजी कर केस : कलकत्ता हाई कोर्ट की नई डिवीजन बेंच में आज अहम सुनवाई

कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट की एक नई डिवीजन बेंच, जस्टिस शम्पा सरकार और जस्टिस तीर्थंकर घोष, मंगलवार को सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हास्पिटल की एक महिला डॉक्टर के साथ 2024 में हुए भयानक रेप और मर्डर के मामले की सुनवाई करेगी।

कलकत्ता हाई कोर्ट की कॉज लिस्ट के अनुसार, इस मामले की सुनवाई दोपहर 1 बजे शुरू होगी।

पिछली डिवीजन बेंच, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस राजशेखर मंथा कर रहे थे, ने 12 मई को इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। उन्होंने यह टिप्पणी की थी कि 'इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई जल्दी होनी चाहिए।

' इसके बाद, कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने 15 मई को इस मामले को जस्टिस सरकार और जस्टिस घोष की नई डिवीजन बेंच को सौंप दिया।

मामले को नई बेंच को सौंपते हुए, जस्टिस पॉल ने टिप्पणी की कि इस मामले से जुड़ी सभी याचिकाएं, जिनमें पीड़ित परिवार की वह याचिका भी शामिल है जिसमें उन्होंने घटनास्थल का दौरा करने की अनुमति मांगी थी, अब नई डिवीजन बेंच द्वारा सुनी जाएंगी।

हालांकि इस मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पीड़ित परिवार की उस याचिका पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी जिसमें उन्होंने घटनास्थल का दौरा करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन पिछली राज्य सरकार, जिसका नेतृत्व तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कर रही थीं, ने इस पर आपत्ति जताई थी।

दरअसल, जस्टिस मंथा की अध्यक्षता वाली पिछली डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान यह सवाल उठाया था कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार की याचिका पर आपत्ति क्यों जता रही है, जबकि जांच एजेंसी के तौर पर सीबीआई को इस पर कोई आपत्ति नहीं है।

हाल ही में, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई राज्य सरकार ने कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर विनीत कुमार गोयल और शहर पुलिस के दो डिप्टी कमिश्नरों, इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता, को निलंबित करने की घोषणा की। उन्हें यह सजा इसलिए दी गई क्योंकि कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपे जाने से पहले, शहर पुलिस ने शुरुआती जाँच को बेहद लापरवाही से संभाला था।

अधिकारी ने सोमवार को राज्य सरकार के उस फैसले की भी घोषणा की, जिसके तहत ईडी को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर मुकदमा चलाने की अनुमति दी गई है। संदीप घोष का नाम आरजी कर वित्तीय अनियमितता मामले और जूनियर डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले, दोनों से जुड़ा हुआ है। पिछली सरकार ने लंबे समय तक इस अनुमति को रोक रखा था।

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