मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:56 · नई दिल्ली संस्करण

गणतंत्र दिवस हिंसा : सरकार ने कहा- आक्रामक थे किसान, दिल्ली पुलिस ने लाचार होकर बल प्रयोग किया

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

मंगलवार को केंद्र सरकार ने लोकसभा में कहा कि केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने ‘दंगे, आपराधिक बल और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आक्रमक ढंग से सहारा’ लिया। किसानों के आक्रामक होने से दिल्ली पुलिस ने लाचार होकर बल प्रयोग किया।

दिल्ली पुलिस के पास 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस, वॉटर कैनन और हल्के बल का इस्तेमाल करने के अलावा कोई भी विकल्प नहीं बचा था। गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने सदन में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि प्रदर्शन कर रहे किसान शारीरिक दूरी का पालन नहीं कर रहे हैं और कोविड-19 महामारी के बीच बिना मास्क के बड़ी संख्या में एकत्र हुए।

रेड्डी ने कहा कि जहां तक दिल्ली का सवाल है तो पुलिस ने सूचित किया है कि सितंबर-दिसंबर, 2020 के दौरान प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ 39 मामले दर्ज किए गए। मंत्री के बयान से यह भी स्पष्ट है कि ये 39 मामले 26 जनवरी को हुई किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के संदर्भ में दर्ज मामलों से अलग हैं। रेड्डी ने बताया कि दिल्ली पुलिस की ओर से सूचित किया गया है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान आत्महत्या का एक मामला दर्ज किया गया।

कटीले तारों पर सवाल से पुलिस कमिश्नर हैरान

उधर, किसानों के धरना स्थलों-गाजीपुर, टीकरी और सिंघु- पर लगाए जा रहे कीलों, कटीले तारों, बैरिकेड्स लगाए जाने पर उठ रहे सवालों को लेकर दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि मैं आश्चर्यचकित हूं कि जब 26 जनवरी को ट्रैक्टरों का इस्तेमाल किया गया और बैरिकेड्स को तोड़ा गया था, तब कोई सवाल क्यों नहीं पूछा गया? हमें अब क्या करना चाहिए? हमने बैरिकेड्स इसलिए लगाए हैं, ताकि दोबारा इसे तोड़ा न जा सके।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें