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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:35 · नई दिल्ली संस्करण

आरबीआई रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कर सकता है कटौती : एचएसबीसी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
आरबीआई रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कर सकता है कटौती : एचएसबीसी

नई दिल्ली। आगे कुछ समय के लिए मुद्रास्फीति टारगेट लेवल से कम बने रहने का अनुमान है इस बीच एचएसबीसी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च की ओर से सोमवार को कहा गया कि आरबीआई की ओर से रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की जाएगी। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) का रेपो रेट को लेकर फैसला 5 दिसंबर को आएगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि विकास दर अभी तक मजबूत बनी हुई है, जिसे सरकारी खर्च और जीएसटी-कट लेड रिटेल खर्च से बढ़ावा मिल रहा है। इसके अलावा, नवंबर फ्लैश मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 56.6 से संकेत मिलता है कि जीएसटी के कारण वृद्धि अपने पीक पर पहुंच गई है क्योंकि कुल मिलाकर नए ऑर्डर कम आ रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, "अभी विकास दर मजबूत बनी हुई है, लेकिन मार्च 2026 की तिमाही में इसमें नरमी आ सकती है। हमें उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक आगामी दिसंबर नीति बैठक में पॉलिसी रेट को कम करेगा।"

रिपोर्ट में कहा गया कि चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर सालाना आधार पर 8.2 प्रतिशत रही, जो कि जून तिमाही के जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत और हमारे 7.5 प्रतिशत के अनुमान से अधिक रही।

वहीं, ग्रॉस वैल्यू एडेड वृद्धि दर 8.1 प्रतिशत और नॉमिनल जीडीपी 8.7 प्रतिशत की दर से बढ़ी।

जीडीपी में वृद्धि की गति तेज रही, जिसके बहुत से कारण रहे। इनमें से एक महत्वपूर्ण कारक 22 सितंबर को लागू की गई जीएसटी दरों में कटौती रही, जिसे लेकर 15 अगस्त को घोषणा की गई थी।

एचएसबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, "हमारा मानना है कि कंज्यूमर डिमांड में वृद्धि की उम्मीद से उत्पादन में वृद्धि देखी गई। हमारे हालिया शोध दर्शाता है कि कम आय वाले राज्य अब वृद्धि की राह पर आ गए हैं, यहां तक कि वे उच्च आय वाले राज्यों से भी तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं।"

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के निर्यात पर 50 प्रतिशत के अमेरिकी रेसिप्रोकल टैरिफ के बावजूद भी भारत की विकास दर तेज गति से बढ़ती रही।

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