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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:37 · नई दिल्ली संस्करण

राम मंदिर चढ़ावा केस: आरोपियों और ट्रस्ट के बैंक रिकॉर्ड जांच के दायरे में

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
राम मंदिर चढ़ावा केस: आरोपियों और ट्रस्ट के बैंक रिकॉर्ड जांच के दायरे में

नई दिल्ली। राम मंदिर चढ़ावा में कथित गबन की जांच अब वित्तीय ऑडिट चरण में पहुंच गई है। अयोध्या पुलिस ने उन सात बैंकों से पिछले पांच वर्षों के बैंकिंग रिकॉर्ड मांगे हैं, जहां गिरफ्तार किए गए आठों आरोपियों और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते संचालित हैं।

पुलिस के अनुसार, जांच एजेंसियों ने विस्तृत बैंक स्टेटमेंट, लेन-देन का इतिहास, केवाईसी दस्तावेज, जमा रिकॉर्ड और अन्य बैंकिंग विवरण मांगे हैं, ताकि वित्तीय लेन-देन की पूरी कड़ी को दोबारा तैयार किया जा सके और श्रद्धालुओं के चढ़ावे के कथित दुरुपयोग से जुड़े किसी भी संदिग्ध धन प्रवाह की पहचान की जा सके।

जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि जिस अवधि के दौरान आरोपी मंदिर की दान प्रबंधन प्रणाली से जुड़े थे, उस दौरान कहीं असामान्य नकद जमा, निकासी या खातों के बीच धन का हस्तांतरण तो नहीं हुआ। मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि इसी पहलू की गहन जांच की जा रही है।

जांच के तहत पुलिस की एक टीम ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अयोध्या धाम शाखा का दौरा किया था, जहां ट्रस्ट का मुख्य दान खाता संचालित होता है। वहां से बैंकिंग रिकॉर्ड और संबंधित प्रक्रियागत दस्तावेज एकत्र किए गए।

अधिकारियों के अनुसार, पुलिस उन बैंकों से भी रिकॉर्ड जुटा रही है, जहां आरोपियों के व्यक्तिगत या वेतन खाते होने की जानकारी है।

इसका उद्देश्य सभी खातों के लेन-देन का तुलनात्मक विश्लेषण करना और यह पता लगाना है कि मंदिर के दान से कथित रूप से गबन की गई राशि बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से कहीं स्थानांतरित तो नहीं की गई।

जांच एजेंसियां बैंक रिकॉर्ड का मिलान सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों, उपस्थिति रजिस्टर, नकद जमा रजिस्टर और जांच के दौरान जब्त किए गए अन्य दस्तावेजों से भी करेंगी।

वहीं, अयोध्या स्थित एसबीआई की नया घाट शाखा इस जांच का प्रमुख केंद्र बन गई है। सोमवार को पुलिस ने शाखा के अधिकारियों से करीब चार घंटे तक पूछताछ की थी।

इस शाखा में सात आरोपियों और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े खाते संचालित हैं।

पुलिस ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक सहित करीब छह बैंकों को नोटिस जारी कर गिरफ्तार आरोपियों, ट्रस्ट और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बैंक खातों तथा लॉकरों का विवरण मांगा है।

अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में लगभग 70 से 80 लोग जांच के दायरे में हैं और उन्हें चरणबद्ध तरीके से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। मंदिर दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

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