मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:37 · नई दिल्ली संस्करण

राजस्थान: किसानों का विरोध प्रदर्शन स्थगित, सांसद हनुमान बेनीवाल और राजस्थान प्रशासन के बीच बनी सहमति

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
राजस्थान: किसानों का विरोध प्रदर्शन स्थगित, सांसद हनुमान बेनीवाल और राजस्थान प्रशासन के बीच बनी सहमति

जयपुर। राजस्थान में नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में किसानों का विरोध प्रदर्शन बुधवार सुबह रोक दिया गया, जब रात भर चली बातचीत के बाद जिला प्रशासन के साथ एक लिखित समझौता हो गया।

सांसद हनुमान बेनीवाल ने मंगलवार को छह मुख्य मांगों को लेकर, जिनमें रेत माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई और किसानों के लिए मुआवजा शामिल था, करीब 2,000 गाड़ियों के बड़े काफिले के साथ जयपुर की ओर मार्च शुरू किया था।

यह सफलता सुबह करीब 5 बजे मिली, जब नागौर के जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित, पुलिस अधीक्षक मृदुल कछवाहा और रियांबड़ी के एसडीएम सूर्यकांत ने बेनीवाल से बातचीत की।

मीटिंग के बाद, बेनीवाल ने घोषणा की कि सभी मुख्य मांगों पर सहमति बन गई है, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया गया।

बेनीवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अवैध रेत खनन के खिलाफ सर्वे करने के लिए एक दिन के अंदर टीमें तैनात की जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि सभी तय काम अगले दो से तीन दिनों में पूरे कर लिए जाएंगे।

उनके मुताबिक, समझौते में रेत माफिया पर लगाम लगाने के लिए रिया इलाके में सर्वे करना, संबंधित एसडीएम और माइनिंग अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, पेंडिंग फसल बीमा क्लेम का निपटारा और रेलवे द्वारा अधिग्रहित जमीन से संबंधित मुआवजे शामिल हैं।

वहीं, मंगलवार शाम को बेनीवाल किसानों और समर्थकों के काफिले के साथ नागौर से निकले।

काफिला रात करीब 9.30 बजे हाईवे पर नागौर जिले के आखिरी गांव बारी घाटी के पास टोल प्लाजा पर रुका। इसके बाद, रात करीब 11.30 बजे अजमेर रेंज के आईजी राजेंद्र सिंह, नागौर कलेक्टर और एसपी के साथ बातचीत के लिए मौके पर पहुंचे। बातचीत करीब 1.30 बजे तक चली, लेकिन कई मुद्दों पर कोई नतीजा नहीं निकला। शुरुआत में कोई समझौता न होने के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।

प्रशासन ने पादु कलां में नागौर-अजमेर एनएच-59 पर बैरिकेड लगा दिए थे और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया था।

बैरिकेड देखकर बेनीवाल का काफिला जयपुर की ओर मुड़ गया, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ गया और आखिरकार फिर से बातचीत शुरू हुई।

इसके अलावा, उन्होंने किसानों के लिए मुआवजे की मांग की, और पिछले साल की आपदा राहत से छूटे हुए मेड़ता और रियान इलाकों के गांवों को शामिल करने की बात कही। उन्होंने चरागाह जमीन का मुद्दा भी उठाया और करीब 14,000 बीघा चरागाह जमीन के कथित गलत आवंटन पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें