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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:42 · नई दिल्ली संस्करण

राजस्थान फर्जी पत्र विवाद: जयपुर में चार आरोपियों से पूछताछ जारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
राजस्थान फर्जी पत्र विवाद: जयपुर में चार आरोपियों से पूछताछ जारी

जयपुर। महिला आरक्षण से जुड़े एक फर्जी पत्र के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों से राजस्थान पुलिस ने पूछताछ की है। यह फर्जी पत्र पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से जारी किया गया था। सोशल मीडिया पर पत्र वायरल होने के बाद राजस्थान पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

राजस्थान पुलिस के अधिकारियों ने गुरुवार को जानकारी दी कि गिरफ्तारी सभी आरोपियों को मंगलवार को जयपुर लाया गया था। फिलहाल, आरोपियों से पूछताछ चल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह फर्जी दस्तावेज कहां से बना और कैसे फैला।

डीसीपी (दक्षिण) राजर्षि राज के अनुसार, आरोपियों की पहचान बिलाल खान (27), निखिल प्रजापत (22) और इनाम अहमद (29) के रूप में हुई है। ये सभी मध्य प्रदेश के भोपाल के रहने वाले हैं।

इनके अलावा, अमृता धुमल (37) भी आरोपी हैं, जो पंजाब के मोहाली की रहने वाली हैं।

यह मामला एक न्यूज चैनल की औपचारिक शिकायत के बाद सामने आया था। इस न्यूज चैनल के लोगो का इस्तेमाल उस वायरल पत्र में किया गया था, जो वसुंधरा राजे के नाम से वायरल हुआ था। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि इस दस्तावेज को बनाने के लिए किन एआई टूल्स का इस्तेमाल किया गया और इसे किन खास माध्यमों से फैलाया गया।

अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या इसमें कोई बड़ा नेटवर्क शामिल हो सकता है।

इस बीच, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के राजस्थान पुलिस को सौंपे जाने के मामले पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि किसी न्यायिक आदेश या ट्रांजिट रिमांड के अभाव में यह कार्रवाई पहली नजर में ही गैर-कानूनी प्रतीत होती है।

एक डिवीजन बेंच ने भोपाल पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए और पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया कि वे इस मामले की विस्तृत जांच करें और एक रिपोर्ट पेश करें।

इससे पहले, भारतीय जनता पार्टी के राजस्थान प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल ने वसुंधरा राजे का बचाव करते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और प्रशासन को कार्रवाई करने के लिए उचित निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के सदस्यों पर अक्सर इस तरह की साजिशों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने इस बात को भी दोहराया कि राजे पहले ही सार्वजनिक रूप से इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट कर चुकी हैं।

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