मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:26 · नई दिल्ली संस्करण

आरजी कर मृतका के माता-पिता का आरोप : सीबीआई सब जानती है, लेकिन सच्चाई छिपा रही है

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

आरजी कर मृतका के माता-पिता का आरोप : हत्यारे अब भी चेस्ट विभाग में हैंकोलकाता। आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज की महिला डॉक्टर के साथ हुई बलात्कार और हत्या के एक साल बीतने के बाद भी, पीड़िता के माता-पिता अब तक न्याय से वंचित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान सीबीआई की जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार सीबीआई सब कुछ जानती है, लेकिन "अज्ञात कारणों" से सच सामने नहीं ला रही है। उनका आरोप है कि असली दोषी आज भी कॉलेज के चेस्ट मेडिसिन विभाग में मौजूद हैं।पीड़िता के माता-पिता का कहना है कि वे न तो राज्य पुलिस की जांच से संतुष्ट थे, न ही अब केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्यशैली से। उनका आरोप है कि सीबीआई ने दिखावे के लिए सिर्फ एक व्यक्ति संजय राय को दोषी ठहराया, जबकि असल अपराधियों को बचाया जा रहा है।पीड़िता की मां ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार हमारी बेटी की मृत्यु रात 12 से सुबह छह बजे के बीच हुई थी। उस समय उसके साथ कौन था? उनसे पूछताछ क्यों नहीं की गई? क्यों उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया? लगता है जांच आज तक शुरू ही नहीं हुई।वहीं पीड़िता के पिता ने सीबीआई पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सीबीआई की भूमिका बेहद शर्मनाक है। कल जो चार्जशीट दाखिल की गई, उसमें बड़े नाम शामिल हैं, लेकिन किसी को हिरासत में लेने का ज़िक्र नहीं है। ऐसा लगता है जैसे बस खानापूर्ति की जा रही है। हमें लगा था कि सीबीआई से न्याय मिलेगा, लेकिन उन्होंने सिर्फ एक आरोपित को दोषी साबित कर, हमें कहा कि आपको तो न्याय चाहिए था, हमने दे दिया। क्या यही न्याय है?परिवार का दावा है कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ हुई है। पीड़िता की मां ने बताया है कि जब घटना के बाद हम कॉलेज पहुंचे, हमें अंदर जाने तक नहीं दिया गया। साढ़े तीन घंटे तक बाहर बैठाकर रखा गया, उसी दौरान सब कुछ साफ किया गया। 11 अगस्त को सेमिनार हॉल की दीवार तोड़ी गई चेस्ट मेडिसिन डिपार्टमेंट के सभी लोग उसमें शामिल थे। हम आज भी मानते हैं कि असली हत्यारे वहीं छुपे बैठे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब स्निफर डॉग लाया गया था, वह जांच के लिए नहीं बल्कि सबूत मिटाने के लिए था।पीड़िता के पिता ने कहा है किसीबीआई भारत की सबसे बड़ी एजेंसियों में से एक है, लेकिन जब हम उनसे सवाल करते हैं, वे बात घुमा देते हैं या बात ही काट देते हैं। ऐसा लगता है जैसे वे सब कुछ जानते हैं, लेकिन हमें अंधेरे में रख रहे हैं।परिवार ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र भेजे हैं, लेकिन अब उन्हें सिर्फ अदालत और जनआंदोलन पर भरोसा है।इस घटना की पहली बरसी पर नौ अगस्त को ‘नवन्ना अभियान’ और 14 अगस्त को ‘रात दखल’ नामक आंदोलन की घोषणा की गई है। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के साथ मिलकर पीड़िता के माता-पिता ने यह स्पष्ट किया है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें