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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 6:35 · नई दिल्ली संस्करण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिरला के कामकाज की तारीफ की

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को ट्वीट कर लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिरला के कार्यों की तारीफ की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते दो वर्षों में ओम बिरला जी ने ऐसे कई कदम उठाए हैं जिन्होंने हमारे संसदीय लोकतंत्र को समृद्ध किया है

नई दिल्‍ली : प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को ट्वीट कर लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिरला के कार्यों की तारीफ की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते दो वर्षों में ओम बिरला जी ने ऐसे कई कदम उठाए हैं जिन्होंने हमारे संसदीय लोकतंत्र को समृद्ध किया है और उत्पादकता में वृद्धि की है। इससे कई ऐतिहासिक और जन-समर्थक कानून पारित हुए हैं। इन कार्यों के लिए ओम बिरला जी को बधाई..!

ओम बिरला जी ने पहली बार चुने गए सांसद, युवा सांसदों और महिला सांसदों को सदन में बोलने का मौका दिए जाने पर विशेष बल दिया है। उन्होंने विभिन्न समितियों को भी मजबूत किया है जिनकी हमारे लोकतंत्र में भूमिका महत्वपूर्ण है।

वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का कहना है कि लोकतंत्र में हमारा प्रयास विपक्षी सदस्यों के विचारों का सम्मान करने का होना चाहिए। मेरा प्रयास है कि जिस दल का सदन में एक भी सदस्य हो, उसे पर्याप्त समय दिया जाए। लोकतंत्र में निर्णय व्यापक सहमति के आधार पर लिए जाने चाहिए न कि केवल बहुमत के आधार पर... गौरतलब है कि हाल ही में ओम बिरला ने एक विशेष साक्षात्‍कार में बताया था कि कोरोना संकट में भी सदन की उत्पादकता 122 फीसद रही।

लोकसभा अध्‍यक्ष ने कहा था कि‍ कोरोना संकट के दौर में भले ही हमें बहुत कुछ सीमित करना पड़ा लेकिन कामकाज सीमित नहीं रहा। कोविड महामारी के मुश्‍क‍िल वक्‍त में ज्यादा चर्चा हुई। दो साल में लोकसभा से 107 विधेयक पारित किए गए। जो सदस्य मौजूद थे उनमें उत्साह था। ये दो वर्ष कठिन थे लेकिन हमने अधिकतम सक्रियता दिखाई। उन्‍होंने यह भी कहा कि मैं चाहूंगा कि शारीरिक दूरी और दूसरी सतर्कता के साथ संसद की नियमित बैठकें चलें।

लोकसभा अध्‍यक्ष ने बताया था कि अभी तक 425 सदस्यों ने वैक्सीन ली है और संसद को इसकी जानकारी दी है। कुछ तो मंत्री हैं। बाकी सदस्यों से हम आग्रह कर रहे हैं। हमने संसद के अंदर भी वैक्सीनेशन की व्यवस्था की थी। संसद सदस्यों को खुद आगे बढ़कर इसे लेना होगा। नए संसद भवन निर्माण विवाद से चकित बिरला ने कहा था कि संसद की समितियों की बैठक में तो किसी दल ने विरोध नहीं किया था।

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