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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:54 · नई दिल्ली संस्करण

प्रधनमंत्री मोदी ने बिहार को दी सड़कों व पुलों की सौगात

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन

- 350 किलोमीटर लंबी सड़कों का होगा निर्माण, 14,258 करोड़ रुपये की आएगी लागत

- बिहार के साथ झारखंड और उत्तर प्रदेश के लोगों की आवाजाही में होगी सुविधा

- 'हर गांव में ऑप्टिकल फाइबर द्वारा इंटरनेट सेवा' का भी किया शुभारंभनई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को बिहार में 14 हजार 258 करोड़ रुपये की 9 राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखने के साथ ही राज्य में ऑप्टिकल फाइबर केबल इंटरनेट सेवा का भी उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं से राज्य में तेज विकास और बेहतर संपर्क का रास्ता साफ हो गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने पूर्व सरकारों पर इंफ्रास्ट्रक्चर की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि दुनिया में उसी देश ने सबसे तेज़ तरक्की की है, जिसने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर गंभीरता से निवेश किया है। लेकिन भारत में दशकों तक ऐसा रहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े और व्यापक बदलाव लाने वाले प्रोजेक्ट्स पर उतना ध्यान नहीं दिया गया।

राजमार्ग पर योजनाएं :

पीएम मोदी ने आज जिन 9 राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास किया है, उनमें 350 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इस पर 14,258 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन राजमार्गों के बनने से बिहार सहित पड़ोसी राज्यों झारखंड तथा उत्तर प्रदेश में भी लोगों की आवाजाही और सामानों की ढुलाई आसान हो जाएगी।

- राजमार्ग से जुड़ी परियोजनाओं में बख्तियारपुर-रजौली खंड पर राष्ट्रीय राजमार्ग 31 के 47.23 किलोमीटर लंबे खंड को चार लेन किया जाएगा, जिस पर 1149.55 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

- इसी खंड पर 50.89 किलोमीटर सड़क को चार लेन किए जाने पर 2650.76 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना है।

- राष्ट्रीय राजमार्ग 30 के आरा-मोहनिया खंड पर 54.53 किलोमीटर के चार लेन किए जाने की परियोजना पर ईपीसी मोड से 885.41 करोड रुपये की लागत आएगी।

- राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर आरा-मोहनिया खंड पर ही 60.80 किलोमीटर सड़क को चार लेन किए जाने पर ईपीसी मोड से 855.93 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

- नरेनपुर- पूर्णिया खंड पर राष्ट्रीय राजमार्ग 131ए पर 49 किलोमीटर को चार लेन किए जाने पर एचएएम मोड से 2288 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

- एनएच 131जी, पटना रिंग रोड (कन्हौली-रामनगर) खंड को छह लेन किए जाने पर 913.15 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

- पटना में गंगा नदी पर महात्मा गांधी सेतु के समानांतर राष्ट्रीय राजमार्ग -19 पर 14.5 किलोमीटर चार लेन के पुल निर्माण पर 2926.42 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

- कोसी नदी पर एनएच 106 पर 28.93 किलोमीटर लंबा चार लेन का नया पुल (2 लेन का पेव्ड शोल्डर भी होगी) ईपीसी मोड पर बनेगा, जिसमें 1478.40 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

- गंगा नदी पर राष्ट्रीय राजमार्ग 131बी पर विक्रमशिला सेतु के समानांतर 4.445 किलोमीटर लंबा 4 लेन का पुल बनेगा जिस पर 1110.23 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट सेवाएं :

बिहार के लिए यह एक सम्मानजनक परियोजना है, जिसके अंतर्गत 45,945 गांवों को डिजिटल क्रांति से जोड़ने के लिए राज्य के कोने-कोने तक तेज गति की इंटरनेट सुविधा पहुंचेगी। यह परियोजना दूरसंचार विभाग, सूचना एवं तकनीकी मंत्रालय और सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) के संयुक्त प्रयास से क्रियान्वित होगी।

बिहार राज्य में कुल 34,821 सीएससी यानी सामान्य सेवा केंद्र हैं, इन केंद्रों के साथ काम कर रहे लोग न केवल इंटरनेट परियोजना को क्रियान्वित करने में उपयोगी होंगे बल्कि इसे व्यवसायिक स्तर पर संचालित करने के प्रयास किए जाएंगे जिससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बिहार के प्रत्येक गांव के प्रत्येक नागरिक को ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट की सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

इस परियोजना के अंतर्गत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एक वाईफाई और 5 नि:शुल्क इंटरनेट कनेक्शन सरकारी संस्थानों जैसे प्राथमिक स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, आशा कार्यकर्ता और जीविका दीदी इत्यादि को दिए जाएं। इस परियोजना से ई-शिक्षा, ई-कृषि, टेलीमेडिसिन, टेली विधि सेवाओं सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाएं बिहार के प्रत्येक नागरिक से सिर्फ एक क्लिक दूर होंगी। इस मौके पर बिहार के राज्यपाल फागू चौहान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, आर के सिंह और वीके सिंह सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

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