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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:54 · नई दिल्ली संस्करण

प्रधानमंत्री मोदी ने आचार्य लक्ष्मीकांत दीक्षित के निधन पर जताया शोक

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

वाराणसी, । अयोध्या में श्री रामलला के भव्य मंदिर में प्राण

प्रतिष्ठा कराने वाले काशी के प्रकांड पंडित आचार्य लक्ष्मीकांत दीक्षित के

निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शोक जताया है।

शनिवार को

अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि देश के

मूर्धन्य विद्वान और साङ्गवेद विद्यालय के यजुर्वेदाध्यापक लक्ष्मीकान्त

दीक्षित जी के निधन का दुःखद समाचार मिला। दीक्षित जी काशी की विद्वत

परंपरा के यश पुरुष थे। काशी विश्वनाथ धाम और राम मंदिर के लोकार्पण पर्व

पर मुझे उनका सान्निध्य मिला। उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।

इसके

पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी आचार्य लक्ष्मीकांत

दीक्षित के गोलोकवासी होने पर शोक जताया। मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर लिखा कि

काशी के प्रकांड विद्वान एवं श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा के मुख्य

पुरोहित,वेदमूर्ति,आचार्य लक्ष्मीकांत दीक्षित जी का गोलोकगमन अध्यात्म व

साहित्य जगत की अपूरणीय क्षति है। संस्कृत भाषा व भारतीय संस्कृति की सेवा

हेतु वे सदैव स्मरणीय रहेंगे। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत

पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और उनके शिष्यों व अनुयायियों

को यह दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!

गौरतलब है कि

500 वर्ष के उपरांत अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के विग्रह की

प्राण-प्रतिष्ठा के मुख्य पुरोहित आचार्य लक्ष्मीकांत दीक्षित थे। वह कुछ

दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उधर,अयोध्या राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के

लिए शुभ मुहूर्त निकालने वाले आचार्य गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने भी

आचार्य लक्ष्मीकांत दीक्षित के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि काशी

के मूर्धन्य वैदिक श्रौत-स्मार्त कर्मकाण्ड विशेषज्ञ साङ्गवेद विद्यालय के

यजुर्वेदाध्यापक लक्ष्मीकान्त दीक्षित जी के शिवसायुज्य (निधन) से सनातनी

जगत् की अपूरणीय क्षति हुई है।

ध्यातव्य है कि आपके ही आचार्यत्व

में विगत 22 जनवरी, 2024 को अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई

थी। जिस में भारत के सभी प्रान्तों सहित विश्व की उपस्थिति में भारत के

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रतिष्ठा का मुख्य समारोह सम्पन्न किया

गया। कीर्तिशेष श्री दीक्षित जी की दिवंगत आत्मा की शाश्वत शान्ति हेतु

साङ्गवेद विद्यालय परिवार एवं श्रीगीर्वाणवाग्वर्धिनी सभा की ओर से बाबा

विश्वनाथ से प्रार्थना है।

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