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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:16 · नई दिल्ली संस्करण

बड़ा फ़ैसला: हिजाब विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- 'इस्लाम का अनिवार्य...'

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बड़ा फ़ैसला: हिजाब विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- 'इस्लाम का अनिवार्य...'

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्कूल में स्कार्फ या हिजाब पहनने की अनुमति देने का स्कूल अधिकारियों को निर्देश जारी करने के अनुरोध वाली याचिका खारिज कर दी है। प्रयागराज के अतरसुइया थाना अंतर्गत टैगोर पब्लिक स्कूल की छात्रा सुकैना रिजवी ने अपनी मां के जरिए यह याचिका दायर की थी। रिजवी ने इस स्कूल से दसवीं की परीक्षा पास की है और वह इसी स्कूल में 11वीं कक्षा में प्रवेश ले रही है।

न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की पीठ ने कहा कि हमने याचिकाकर्ता से जुड़ी कई कक्षाओं की तस्वीरें देखी हैं और केवल उसे छोड़कर किसी भी छात्रा ने हिजाब नहीं पहना है। यहां तक कि जिस धार्मिक समुदाय से वह आती है, उस समुदाय की छात्राओं ने भी हिजाब नहीं पहना है। कोर्ट ने कहा कि जब कभी भी यह मुद्दा उठा है, उच्च न्यायालयों का एकमत रहा है कि हिजाब पहनना इस्लामिक आस्था का जरुरी हिस्सा नहीं है और एक महिला के हिजाब नहीं पहनने से आस्था खतरे में नहीं पड़ जाएगी।

कोर्ट ने 21 अगस्त को दिए अपने फैसले में कहा कि यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि याचिका में यह दावा किया कि हिजाब पहनना एक जरूरी धार्मिक प्रथा है, केवल एक दावा भर है। रिपोर्ट के मुताबिक छात्रा ने दावा किया था कि उसने 10वीं कक्षा तक उसी स्कूल में पढ़ाई की और उस दौरान स्कूल की तरफ से बिना किसी आपत्ति के सिर पर स्कार्फ पहना था। हालांकि उसने आरोप लगाया कि स्कूल अब उसे 11वीं कक्षा में दाखिला देने से मना कर रहा है क्योंकि वह सिर पर स्कार्फ पहनना जारी रखने पर अड़ी है।

उनका कहना था कि स्कार्फ पहनना उनके धर्म का एक जरूरी हिस्सा है और उन्हें अपने पहनावे के तौर पर इसे पहनने से रोकना उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। वहीं दूसरी तरफ स्कूल का कहना था कि यह सीबीएसई से जुड़ा एक प्राइवेट, बिना सरकारी मदद वाला को एजुकेशन संस्थान है, जहां सभी छात्रों के लिए एक जैसी यूनिफॉर्म का नियम लागू है। स्कूल के प्रिंसिपल का कहना था कि उसी धार्मिक समुदाय की दूसरी लड़कियां तय यूनिफॉर्म का पालन कर रही थीं और याचिकाकर्ता को छूट देने से स्कूल के प्रशासन और अनुशासन पर असर पड़ सकता था।

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