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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:50 · नई दिल्ली संस्करण

पितृ पक्ष में नहीं जा पाए प्रयागराज या गया? घर बैठे ऐसे करें ऑनलाइन पिंडदान, पुरोहितों ने शुरू की नई व्यवस्था

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पितृ पक्ष में नहीं जा पाए प्रयागराज या गया? घर बैठे ऐसे करें ऑनलाइन पिंडदान, पुरोहितों ने शुरू की नई व्यवस्था

पितृ पक्ष चल रहा है और हर हिंदू परिवार अपने पितरों की शांति के लिए पिंडदान करना चाहता है। लेकिन कई बार नौकरी, विदेश में रहना, बुजुर्ग होना या भीड़ के कारण प्रयागराज, गया या काशी जाना संभव नहीं हो पाता। ऐसे लोगों के लिए प्रयागराज और गया के तीर्थ पुरोहितों ने इस बार नई व्यवस्था शुरू की है। प्रयागराज के संगम पुरोहित संघ और गया के पंडा समाज ने इस बार ऑनलाइन संकल्प पिंडदान की सुविधा शुरू की है। इसके तहत श्रद्धालु घर बैठे ही अपने पितरों के नाम का पिंडदान करा सकते हैं।

प्रयागराज के तीर्थ पुरोहित पं. राजेंद्र त्रिपाठी बताते हैं, "हमने देखा कि विदेश में रहने वाले या बीमार बुजुर्ग लोग पिंडदान के लिए नहीं आ पाते और मन में ग्लानि रखते हैं। इसलिए हमने शास्त्रों के अनुसार ई-संकल्प पिंडदान शुरू किया है। इसमें श्रद्धालु वीडियो कॉल पर जुड़ते हैं और हम उनके नाम और गोत्र से संगम पर पिंडदान करते हैं।" प्रयागराज संगम और गया जी के तीर्थ पुरोहितों की आधिकारिक वेबसाइट या व्हाट्सएप नंबर पर आपको अपने पितरों का नाम, गोत्र और मृत्यु तिथि भेजनी होगी।

तय दिन और समय पर पुरोहित आपको वीडियो कॉल पर जोड़ेगा। आप घर पर ही स्नान करके दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके बैठेंगे। पुरोहित संगम या फल्गु नदी के किनारे आपका नाम लेकर संकल्प करवाएगा और शास्त्रोक्त विधि से जौ, तिल, चावल और पिंड से पिंडदान करेगा। पूरा कर्मकांड आप लाइव देख सकेंगे। पिंडदान के बाद अस्थि-विसर्जन और प्रसाद की फोटो-वीडियो आपको भेज दी जाएगी। गया के विष्णुपद मंदिर के पंडा महासभा के अध्यक्ष ने बताया कि इस बार 200 से ज्यादा पंडों ने मिलकर एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।

इस पर सिर्फ 1100 रुपये से लेकर 2100 रुपये की दक्षिणा में पिंडदान कराया जा रहा है। लूट से बचने के लिए हर पंडा को ID कार्ड भी दिया गया है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, अगर व्यक्ति स्वयं किसी तीर्थ पर नहीं जा सके तो ब्राह्मण के द्वारा प्रतिनिधि के रूप में पिंडदान कराना भी मान्य है। गरुड़ पुराण में भी इसका उल्लेख है। मुख्य बात श्रद्धा और संकल्प है। तो अगर आप भी इस पितृ पक्ष में प्रयागराज या गया नहीं जा पा रहे हैं, तो चिंता की कोई बात नहीं। इस नई व्यवस्था के जरिए आप घर बैठे ही अपने पितरों को मोक्ष दिला सकते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

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