प्रताप गौरव केन्द्र में लगेगा शख्सियतों का मेला
उदयपुर,। प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ में 6 जून से 9
जून तक चलने वाले वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह में देश की
विभिन्न विधाओं की शख्सियतों का मेला रहेगा। आयोजन में अयोध्या में विराजित
रामलला की छवि का चित्ररूप सृजित करने वाले डॉ. सुनील विश्वकर्मा भी आएंगे
तो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व निदेशक डॉ. धर्मवीर शर्मा का भी
मार्गदर्शन कार्यशाला के प्रतिभागियों को मिल सकेगा।
प्रताप
गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि वीर शिरोमणि महाराणा
प्रताप समिति उदयपुर के तत्वावधान में प्रताप गौरव केन्द्र में होने वाले
चार दिवसीय प्रताप जयंती समारोह की तैयारियां वृहद रूप से चल रही हैं।
समारोह के तहत होने जा रही पांच कार्यशालाओं के लिए भी ऑनलाइन पंजीकरण का
क्रम जारी है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में पंजीकरण हो रहे हैं। इच्छुक
प्रतिभागी अधिकृत वेबसाइट प्रतापगौरवकेन्द्रडॉटओआरजी पर 4 जून रात 12 बजे
तक ही पंजीकरण करा सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि इन कार्यशालाओं
में संस्कार भारती के सहयोग से राष्ट्रीय कला कार्यशाला, राजस्थान
विद्यापीठ के सहयोग से राष्ट्रीय पुरालेख एवं भाषा विज्ञान कार्यशाला सहित
लघु फिल्म निर्माण कार्यशाला, कथा कथन कार्यशाला तथा जीवन कौशल एंव
व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
विश्वकर्मा आएंगे राष्ट्रीय कला कार्यशाला में
-राष्ट्रीय
कला कार्यशाला के संयोजक डॉ. मदन सिंह राठौड़ ने बताया कि संस्कार भारती के
सहयोग से होने जा रही इस कार्यशाला का उद्देश्य भारतीय सामाजिक जीवन में
स्थापित सांस्कृतिक परम्पराओं और जीवन मूल्यों का पुनरावलोकन करना, विशेष
कर मेवाड़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक विरासत और महानायक महाराणा प्रताप के
राष्ट्र भक्ति और शौर्य समर्पण के भाव को जन-जन तक पहुंचना और समाज को पुनः
भारतीय संस्कृति के शाश्वत जीवन मूल्यों से रुबरु कराना है। कार्यशाला में
संस्कार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भारत के ख्यातनाम चित्रकार वासुदेव
कामत, भरतमुनि पुरस्कार प्राप्त चित्रकार विजय अचरेकर, श्रीराम की प्रतिमा
की परिकल्पना को चित्ररूप में सृजित करने वाले डॉ. सुनील विश्वकर्मा, श्री
मनोज सकले, कविता सालुंके, गजानन सालुंके, डॉ. लक्ष्मण प्रसाद सहित उदयपुर
से ओम प्रकाश सोनी, युगल किशोर शर्मा, रामसिंह भाटी, पुष्कर लोहार, शंकर
शर्मा, अनुराग मेहता, मनदीप शर्मा, दुर्शित भास्कर, निर्मल यादव आदि कलाकार
आएंगे।
गौरव केन्द्र को सौंपेंगे कृति
-कार्यशाला
में सृजित कलाकृतियों की प्रदर्शनी 8 जून को सायं 6 बजे लगाई जाएगी। इसका
उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे। ख्यातनाम कलाकार यहां पर जो भी
कृति बनाएंगे, उसे गौरव केन्द्र को समर्पित करके जाएंगे।
पुरालेख एवं भाषा विज्ञान कार्यशाला में सीख सकेंगे प्राचीन लिपि पढ़ना
-राष्ट्रीय
पुरालेख एवं भाषा विज्ञान कार्यशाला के संयोजक डॉ. विवेक भटनागर ने बताया
कि राजस्थान विद्यापीठ के सहयोग से होने जा रही इस कार्यशाला में प्रतिभागी
प्राचीन लिपियों के बारे में जान सकेंगे और उन्हें पढ़ने और समझने का
आरंभिक प्रशिक्षण ले सकेंगे। कार्यशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के
पूर्व निदेशक डॉ. धर्मवीर शर्मा का सान्निध्य रहेगा। डॉ. शर्मा ने फ़तेहपुर
सीकरी, सनोली, हुलास, हांसी, काशीपुर, अयोध्या, भारद्वाज आश्रम आदि स्थलों
का उत्खनन कर भारत के प्राचीन इतिहास के तथ्यों को सशक्त करने में
महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे अभी हड़प्पा लिपि और वैदिक नदी सरस्वती की
पहचान पर काम कर रहे हैं। इनके अलावा कार्यशाला में अभिजीत दाण्डेकर, डॉ.
सूरजमल राव, डॉ. जेके ओझा, डॉ. ईश्वरशरण विश्वकर्मा, डॉ. देव कोठारी, टीएस
रविशंकर का भी मार्गदर्शन प्रतिभागियों को प्राप्त होगा।
जीवन कौशल कार्यशाला में गोयल व कपूर आएंगे
-जीवन
कौशल एवं व्यक्तित्व निर्माण कार्यशाला के संयोजक जयदीप आमेटा ने बताया कि
कार्यशाला 6 से 8 जून तक प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 तक रहेगी।
कार्यशाला में श्रीमती रचना सक्सेना, विकास छाजेड़ कक्षाएं लेंगे। 9 जून को
मास्टर क्लास होगी जो निधीश गोयल व राहुल कपूर द्वारा ली जाएगी।
वालेंटियर्स की कार्यशाला आज
-प्रताप
गौरव केन्द्र में होने जा रहे चार दिवसीय समारोह के तहत स्वेच्छा से
कार्यसेवा के लिए जुड़ने वाले स्वयंसेवकों की कार्यशाला सोमवार 3 जून को
दोपहर तीन बजे से सात बजे तक होगी जिसमें उन्हें विभिन्न व्यवस्थाओं को
समझाया जाएगा और कार्य का वितरण किया जाएगा। सभी स्वयंसेवकों को प्रमाण
पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।





