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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:33 · नई दिल्ली संस्करण

वायनाड में राहुल गांधी और प्रियंका के खिलाफ पोस्टरबाजी, केरल सीएम पद को लेकर बढ़ी सियासत

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
वायनाड में राहुल गांधी और प्रियंका के खिलाफ पोस्टरबाजी, केरल सीएम पद को लेकर बढ़ी सियासत

वायनाड। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने केरल में हाल ही में बहुत बड़ी जीत हासिल की थी। सत्ता में आने के 10 दिन बाद भी उनके गठबंधन में अभी तक मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इस पर खींचतान जारी है। इस वजह से पार्टी के अंदर गहरी फूट पड़ गई है। लोग बहुत नाराज हैं और अब यह गुस्सा वायनाड की सड़कों पर भी दिखने लगा है।

सीएम फेस को लेकर चल रही खींचतान के बीच, वायनाड डीसीसी कार्यालय के पास राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को निशाना बनाने वाले गुमनाम पोस्टर दिखाई दिए। ये पोस्टर उस बात को दर्शाते हैं जिसे पार्टी के भीतर कई लोग निजी तौर पर स्वीकार करते हैं। केरल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में केसी वेणुगोपाल को आगे बढ़ाने के संभावित कदम के खिलाफ जनता का विरोध लगातार बढ़ रहा है।

अंग्रेजी में लिखे पोस्टर में राहुल और प्रियंका पर आरोप लगाया गया है कि वे केसी वेणुगोपाल को केरल पर थोपने की कोशिश कर रहे हैं जबकि उनके खिलाफ व्यापक जनभावना मौजूद है।

इनमें से एक पोस्टर चेतावनी देता है कि 'केरल आपको कभी माफ नहीं करेगा' जबकि दूसरा पोस्टर एक अशुभ घोषणा करता है कि 'वायनाड दूसरा अमेठी बन जाएगा'। यह सीधे तौर पर उस शर्मनाक चुनावी हार की याद दिलाता है जो राहुल गांधी को 2019 में उत्तर प्रदेश में झेलनी पड़ी थी।

वायनाड कभी राहुल गांधी का राजनीतिक गढ़ हुआ करता था और अब संसद में इसका प्रतिनिधित्व प्रियंका गांधी करती हैं। इसी निर्वाचन क्षेत्र से उभरने वाला यह गुस्सा, केरल में कांग्रेस के मामलों पर गांधी भाई-बहन के अधिकार के लिए एक सीधी चुनौती बन गया है।

ये पोस्टर और भी आगे बढ़ते हुए वेणुगोपाल का मज़ाक उड़ाते हैं और उन्हें केवल राहुल गांधी का 'बैग उठाने वाला' बताते हैं।

साथ ही, वे चेतावनी देते हैं कि यदि नेतृत्व ने जनमत की अनदेखी की तो राहुल और प्रियंका दोनों का वायनाड में अब और स्वागत नहीं किया जाएगा।

हालांकि किसी भी संगठन ने इन पोस्टरों की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इनका सामने आना इस बात का व्यापक प्रमाण माना जा रहा है कि कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी अब बंद दरवाजों के पीछे होने वाली लॉबिंग से आगे बढ़कर एक खुले राजनीतिक विद्रोह का रूप ले चुकी है।

पोस्टरों में लिखा है कि हो सकता है कि केसी कभी-कभी आपके अपने आदमी हों लेकिन केरल की जनता आपको माफ नहीं करेगी। यह कोई धमकी नहीं है बल्कि अब हमारा सब्र जवाब दे चुका है।

सिर्फ चुनाव जीतने के लिए वायनाड मत आइए। वायनाड को भूल जाइए, अब आप यहां से दोबारा कभी नहीं जीत पाएंगे।

विडंबना यह है कि जहां एक ओर केरल के एक बड़े तबके में वेणुगोपाल की उम्मीदवारी को लेकर विरोध का भाव दिखाई दे रहा है। वहीं दूसरी ओर खबरों के मुताबिक, उन्हें कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों के बहुमत का जबरदस्त समर्थन हासिल है।

इस विरोधाभास ने पार्टी के 'हाईकमान' को एक मुश्किल स्थिति में डाल दिया है। दिल्ली में लंबी चर्चाओं के दौर के बाद भी, अब तक कोई अंतिम घोषणा सामने नहीं आई है।

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