मप्र के कई जिलों में बादलों का डेरा, बिजली-ओले गिरने की आशंका
भोपाल,
20 फ़रवरी। मध्यप्रदेश में मौसम तेजी के साथ करवट बदलते हुए दिखाई
दे रहा है। राज्य में 22 फरवरी तक मौसम बिगाड़ा रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ के
प्रभाव से गुरुवार तक उत्तरी हिस्से (ग्वालियर-चंबल संभाग) में गरज-चमक के
साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का भी अनुमान मौसम विभाग की ओर से लगाया
गया है। इस दौरान मालवा रीजन में इंदौर को छोड़कर कई जगह बादल छाए रहेंगे
और कहीं कहीं ओले गिरने की भी आशंका भी जताई गई है।
राज्य
के भिंड, मुरैना और श्योपुर में ओलावृष्टि भी हो सकती है। पन्ना, छतरपुर,
निवाड़ी, शिवपुरी, ग्वालियर और दतिया जिलों में गरज चमक के साथ बारिश होने
का चेतावनी जारी की गई है। सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी
और जबलपुर में बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना है। चंबल संभाग के
जिलों में, ग्वालियर, सतना, रीवा, सतना, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़
और निवाड़ी जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है। सिंगरौली, सीधी, मऊगंज,
अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी और जबलपुर में बारिश होने के साथ बिजली गिर सकती
है।
इस संबंध में मौसम वैज्ञानिक
पीके साहा ने बताया कि फिलहाल उत्तरी कर्नाटक से लेकर दक्षिणी विदर्भ से
मध्य छत्तीसगढ़ तक ट्रफ लाइन माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर
विस्तृत है और पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो गया है, जिसके कारण से राज्य
के मध्य-दक्षिण क्षेत्र में नमी आना अभी भी जारी है, जिसका कि प्रभाव पूरे
राज्य में अधिकांश स्थानों पर देखने को मिलेगा।
उन्होंने
बताया कि इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर मौसम प्रणालियां सक्रिय है और
हवाओं का रुख भी दक्षिणी एवं दक्षिण-पूर्वी हो गया है। वर्तमान में उत्तर
भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस और चक्रवाती हवाओं बना हुआ है।उत्तर और मध्य
भारत के ऊपर ऊपरी क्षोभ मंडल में 250 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने
वाली जेट स्ट्रीम हवाओं के कारण भी मौसम में बदलाव आ रहा है। इसके प्रभाव
से राजधानी भोपाल समेत ग्वालियर-चंबल में बादल छाए रहेंगे, जिसमें कि 22
फरवरी तक ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलो में कहीं-कहीं वर्षा और
ओलावृष्टि भी हो सकती है।





