मालदा में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग की जांच शुरू, एसपी ने कहा - सेल्फ डिफेंस में हुई फायरिंग
कोलकाता,
मालदा
के मानिकचक में गुरुवार को बिजली कटौती के विरोध में प्रदर्शन कर रहे
स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प के दौरान हुई पुलिस फायरिंग की
जांच शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को जिला पुलिस के एक वरिष्ठ सूत्र ने
बताया कि घटना की विभागीय जांच शुरू की गई है। इस झड़प में मानिकचक थाने के
इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (आईसी) समेत तीन पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस घटना के बाद 26 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
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बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन
स्थानीय
लोगों ने शिकायत की थी कि उनके इलाके में बिजली की समस्या लगातार बनी रहती
है, जिससे वे बेहद परेशान हो गए थे। इसी के विरोध में उन्होंने मानिकचक के
10 स्थानों पर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।
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क्या कहना है जिला पुलिस अधीक्षक का?
पुलिस
अधीक्षक प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि प्रदर्शनकारियों का एक समूह
अत्यधिक आक्रामक हो गया और उन्होंने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया।
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि एक एएसआई के हेलमेट की फिती टूट गई और आईसी को
जमीन पर पटक दिया गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस
और रबड़ की गोलियां चलाईं, लेकिन फिर भी प्रदर्शनकारियों को शांत नहीं किया
जा सका।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिसकर्मियों को पास के एक घर
में शरण लेनी पड़ी, जहां दो महिलाएं, एक बच्चा और छह पुरुष मौजूद थे।
प्रदर्शनकारियों ने उस घर पर भी पत्थरों से हमला किया और उसकी खिड़कियां और
दरवाजे तोड़ दिए। यहां तक कि घर के बाहर खड़ी एक मोटरसाइकिल को भी
तोड़फोड़ कर आग के हवाले कर दिया गया।
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आत्मरक्षा में पुलिस फायरिंग
एसपी
प्रदीप यादव ने आगे बताया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा पेट्रोल से घर में
आग लगाने की कोशिश के बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। इस घटना में
दो प्रदर्शनकारी घायल हो गए, जिन्हें मालदा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया
गया है।
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26 लोगों को हिरासत में लिया गया
पुलिस
ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल पर भेजा और
घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल पहुंचाया। एसपी ने कहा कि स्थिति अब
नियंत्रण में है और जो लोग पुलिस पर हमला करने और हिंसा फैलाने के दोषी पाए
जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद,
एनायतपुर इलाके में पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक
ने कहा कि अब स्थिति शांतिपूर्ण है और पुलिस इलाके में निगरानी बनाए रखे
हुए है। इस घटना ने इलाके में तनाव बढ़ा दिया है, जहां बिजली कटौती जैसी
समस्याएं स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन रही हैं। पुलिस और
प्रशासन इस मामले को सुलझाने के लिए कदम उठा रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी
घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।





