मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:21 · नई दिल्ली संस्करण

आज शाम थमेगा आम चुनाव के प्रचार का शोर, प्रधानमंत्री मोदी शाम को पहुंचेंगे कन्याकुमारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नई

दिल्ली, । आम चुनाव के आखिरी और सातवें चरण का प्रचार आज शाम

थम जाएगा। देशभर में धुआंधार प्रचार कर मतदाताओं का आशीर्वाद ले चुके

केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक

गठबंधन (राजग) के शीर्ष नेता और सबसे बड़े स्टार प्रचारक प्रधानमंत्री

नरेन्द्र मोदी आज शाम कन्याकुमारी पहुंच जाएंगे। भाजपा ने प्रधानमंत्री

नरेन्द्र मोदी के आज के कन्याकुमारी के कार्यक्रम को एक्स हैंडल पर साझा

किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बार के आम चुनाव में अपने 400 पार

के संकल्प की सिद्धि के लिए देश में धुआंधार प्रचार कर मतदाताओं का

आशीर्वाद लिया है। वो पंजाब के होशियारपुर में मतदाताओं का आशीर्वाद लेकर

कन्याकुमारी के लिए रवाना होंगे। भाजपा के एक्स हैंडल के अनुसार

प्रधानमंत्री मोदी आज शाम सवा पांच बजे तमिलनाडु के कन्याकुमारी में भगवान

की पूजा करेंगे।

कन्याकुमारी में प्रधानमंत्री भागवथ्य अम्मान टेंपल

में दर्शन पूजन करेंगे। यहां प्रधानमंत्री स्मारक रॉक मेमोरियल में ध्यान

करेंगे। वो आज शाम से 1 जून की शाम तक ध्यान मंडपम में ध्यान करेंगे।

महत्वपूर्ण बात यह है कि यह वही स्थान है, जहां स्वामी विवेकानंद ने

देशव्यापी भ्रमण के बाद तीन दिन तक तप किया था। यहीं उन्होंने विकसित भारत

का सपना देखा था।

भारत दर्शन के दौरान विवेकानंद ने आम लोगों की तकलीफ, दर्द, गरीबी, आत्म सम्मान और शिक्षा की कमी को नजदीक से जाना था।

समुद्र

तट से करीब 500 मीटर दूर स्थित चट्टान पर विवेकानंद 24 दिसंबर 1892 को तैर

कर पहुंचे थे। 25 से 27 दिसंबर तक उन्होंने इसी चट्टान पर ध्यान किया था।

उन्होंने यहां भारत के भविष्य के लिए विकसित भारत का सपना देखा। यह वह जगह

है, जहां उन्हें भारत माता के दर्शन हुए थे। इसी स्थान पर उन्होंने अपना

बाकी जीवन लोगों को समर्पित करने का सपना देखा था। विवेकानंद शिला पर

विवेकानंद स्मारक बनाने के लिए भी लंबा संघर्ष चला है। इसमें एकनाथ रानाडे

की बड़ी भूमिका रही है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें