फाइजर ने ब्रिटेन के बाद अब भारत का रुख किया , कोविड-19 की वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत मांगी
नई दिल्ली : ब्रिटेन में इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिलने के बाद अब कोरोना वैक्सीन निर्माता कंपनी फाइजर ने भारत का रुख किया है. फाइजर कंपनी की भारतीय इकाई ने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआाई) से कोविड-19 की वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत मांगी है. मीडिया में आ रही खबरों के मतिाबिक फाइजर कंपनी ने कोरोना वायरस वैक्सीन की मंजूरी के लिए डीसीजीआई को आवेदन पत्र भेजा है.इस आवेदन में फाइजर-बायोटेक कंपनी ने भारत में कोरोना वायरस वैक्सीन के आयात और लोगों तक इसे पहुंचाने की मंजूरी देने की मांग की है. फाइजर कंपनी का कहना है कि उनकी वैक्सीन को ब्रिटेन और बहरीन में इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है और अब वो भारत के लोगों तक इसे पहुंचाना चाहते हैं.फाइजर-बायोटेक कंपनी ने दवा और क्लीनिकल परीक्षण नियम, 2019 के प्रावधानों के तहत भारत के लोगों पर इसके क्लीनिकल ट्रायल की इजाजत मांगी है.
इससे स्पष्ट होता है कि कोरोना वायरस वैक्सीन निर्माता फाइजर कंपनी ना सिर्फ भारत में वैक्सीन को बेचना चाहती है बल्कि भारतीयों पर इसका क्लीनिकल ट्रायल भी करना चाहती है. फाइजर-बायोटेक कंपनी ने भारत के लोगों पर इसके क्लीनिकल ट्रायल की इजाजत मांगी है. एक तरफ जहां भारत में बन रही कोरोना वायरस वैक्सीन कोवीशील्ड अंतिम चरण के ट्रायल में है, वहीं दूसरी तरफ फाइजर कंपनी भारत में अपनी वैक्सीन लाने के लिए तैयार है.
बताया गया कि ब्रिटेन ने बुधवार को फाइजर के कोविड-19 टीके के आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दे दी थी. ब्रिटेन के बाद शुक्रवार को बहरीन फाइजर-बायोटेक कंपनी के वैक्सीन को इस्तेमाल करने की मंजूरी देने वाला दूसरा देश बन गया. इसके बाद अब फाइजर ने वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल और आपातकालीन इस्तेमाल के लिए भारत का रुख किया है. कंपनी इससे पहले अमेरिका में वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी के लिए आवेदन कर चुकी है.





