पेट्रोल की कीमतें 100 के पार, कई मशीनों में तीन अंकों की जगह ही नहीं
कई पेट्रोल पंपों पर प्रीमियम पेट्रोल बिकना बंद हो गया है क्योंकि पेट्रोल पंप मशीनों में तीन अंकों की व्यवस्था ही नहीं है. इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश के पेट्रोल पंप संचालक भी परेशान हैं.
राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में पेट्रोल की कीमतें 100 के पार पहुंच गई हैं. ये पहली बार हो रहा है जो पेट्रोल की कीमतें तीन अंकों में पहुंच चुकी हैं. पेट्रोल की कीमतों के तीन अंकों में पहुंच जाने से आम जनता तो त्रस्त है ही लेकिन पेट्रोल पंपों की भी मुसीबतें बढ़ने लगी है. अब तक पेट्रोल की कीमतें दो अंकों में रहती थीं. जिसके कारण पुरानी पेट्रोल पंपों की मशीनों में दो अंक दिखाने की ही व्यवस्था थी.
पेट्रोल की कीमतें जहां डिस्प्ले होती हैं उसमें दो अंकों की ही जगह होती है. किसी को क्या पता था कि यहां तीन अंकों की भी जरूरत आन पड़ेगी. जब से भोपाल और श्रीगंगानगर जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमतें तीन अंक पार की हैं, तब से कई पेट्रोल पंपों पर प्रीमियम पेट्रोल बिकना बंद हो गया है क्योंकि पेट्रोल पंप मशीनों में तीन अंकों की व्यवस्था ही नहीं है. इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश के पेट्रोल पंप संचालक भी परेशान हैं.
उत्तर प्रदेश पेट्रोल पंप एसोसिएशन के महासचिव धर्मवीर ने आज तक को बताया कि ''लखनऊ में लगभग 200 पेट्रोल पंप हैं. पेट्रोल की कीमत सौ रुपए होने पर पेट्रोल पंप मशीनों में ट्रिपल डिजिट नहीं दिख सकेंगी.''
पेट्रोल पंप एसोसिएशन के महासचिव धर्मवीर ने आगे बताया कि ''ऐसे में सभी पेट्रोल पंप के मशीनों के सॉफ्टवेयर में बदलाव करना होगा. पुराने पेट्रोल पंपों की मशीनों में आउटडेटेड सॉफ्टवेयर लगे हुए हैं जिनमें बदलाव करना पड़ेगा. पुरानी मशीनों के सॉफ्टवेयर में सौ से अधिक कीमत के फिगर नहीं आ सकते.'
इसको लेकर विरोधी पार्टी के बड़े राजनेताओं को अपने खेमे में जोड़ने का काम कर रही है। भाजपा फिल्मी हस्तियों को भी पार्टी में शामिल करवा रही है। कोलकाता में बुधवार को बंगाली एक्टर यश दासगुप्ता को भाजपा में शामिल कराया है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में अगले कुछ माह में चुनाव होने जा रहा है। 2019 के लोकसभा चुनाव में वहां की 42 सीटों पर अप्रत्याशित 18 सीटों पर शानदार जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी इस बार वहां पर अपने लिए मौका देख रही है।
यही वजह है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर गृह मंत्री अमित शाह तक वहां का दौरा कर रहे हैं। इसके साथ पार्टी की तरफ से लगातार चुनाव को लेकर सियासी रणनीति बनाई जा रही है।
पहले भाजपा ने ममता बनर्जी के बेहद करीबी और राज्य की टीएमसी सरकार में मंत्री रहे शुभेंदु अधिकारी को को अपने पाले में कर लिया है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि शुभेंदु का टीएमसी को छोड़कर जाना चुनाव से ठीक पहले ममत बनर्जी के लिए बड़ा झटक माना जा रहा है। कई टीएमसी के नेता पार्टी छोड़कर भाजपा के पाले में आए हैं।





