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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:14 · नई दिल्ली संस्करण

टीएमसी उम्मीदवार पवित्र कर ने एफआईआर रद्द करने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
टीएमसी उम्मीदवार पवित्र कर ने एफआईआर रद्द करने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम सीट से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार पवित्र कर के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। शुक्रवार को पवित्र कर ने इस एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। इसके साथ ही उन्होंने संभावित कानूनी कार्रवाई से संरक्षण की भी मांग की है।सूत्रों के अनुसार, पवित्र कर ने न्यायमूर्ति अजय कुमार मुखोपाध्याय की पीठ के समक्ष मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने की अपील की। अदालत ने उन्हें याचिका दायर करने की अनुमति दे दी है। साथ ही, मामले की शीघ्र सुनवाई की मांग भी की गई है। अदालत सूत्रों का संकेत है कि अगले सप्ताह इस पर सुनवाई हो सकती है। उल्लेखनीय है कि नंदीग्राम में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है और उससे पहले ही सुनवाई कराने पर जोर दिया गया है।इस पूरे विवाद की शुरुआत नेता प्रतिपक्ष और नंदीग्राम से भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के आरोपों से हुई। बुधवार को हल्दिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे शुभेंदु ने पवित्र कर पर निशाना साधा। भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने दावा किया कि स्क्रूटनी के दौरान उन्होंने आपत्ति नहीं जताई, हालांकि चाहें तो पवित्र का नामांकन रद्द हो सकता था। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ही व्यक्ति दो राजनीतिक दलों का सदस्य कैसे हो सकता है।शुभेंदु अधिकारी का आरोप है कि पवित्र कर पहले भाजपा के प्रतीक पर पंचायत सदस्य बने थे, लेकिन अब तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं, जो कानून के खिलाफ है। इस बयान के बाद चुनाव आयोग भी सक्रिय हो गया।बुधवार रात आरोप सामने आने के बाद गुरुवार को चुनाव आयोग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पवित्र कर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। हालांकि पवित्र कर ने पहले कहा था कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कानूनी रास्ता अपनाएंगे। उसी के तहत उन्होंने अब अदालत का रुख किया है।इधर, हाल के दिनों में दल बदलने वाले कई जनप्रतिनिधियों को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है। भाजपा से तृणमूल में शामिल हुए सुमन कंजीलाल, हरकाली प्रतिहार, तापसी मंडल और तन्मय घोष जैसे नेताओं ने अपने पद छोड़े हैं। इसी तरह कांग्रेस के टिकट पर जीतकर बाद में तृणमूल में शामिल हुए सागरदिघी के विधायक बायरन विश्वास को भी इस्तीफा देना पड़ा था।ऐसे में पवित्र कर का मामला राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सबकी नजर कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले पर टिकी है, जो नंदीग्राम की चुनावी लड़ाई पर असर डाल सकता है।

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