मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:34 · नई दिल्ली संस्करण

पेपर लीक विवाद: मायावती ने व्यापक सुधार की जरूरत पर दिया जोर

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पेपर लीक विवाद: मायावती ने व्यापक सुधार की जरूरत पर दिया जोर

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी सहित विभिन्न परीक्षाओं के पेपरलीक छात्रों के आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीति का बाज़ार काफी गर्म है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में जरूरी व्यापक सुधार का असली मुद्दा कहीं लुप्त ना हो जाये।

मायावती ने शनिवार काे एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि देश में नीट-यूजी समेत अन्य परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के बाद छात्र-छात्राओं में भारी आक्रोश है। परीक्षार्थियों के आत्महत्या जैसी घटनाओं ने चिंता बढ़ाई है। वहीं, 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) का धरना प्रदर्शन लोगों की सहानुभूति हासिल कर रहा है। इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष और सरकार में हो रही घमासन को लेकर राजनीति का बाजार गर्म हो गया है।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को भुनाने के लिए विशेषकर विरोधी पार्टियों में सड़क से लेकर संसद तक में ज़बरदस्त होड़ लगी हुई है, उससे भी सरकार व विपक्ष के बीच तनाव व टकराव की परिस्थिति हिंसक होकर किसी न किसी रूप में राज्यों में भी फैल रही है। इसको लेकर उन्होंने अपनी पार्टी के लोगों को सचेत व सजग रहने की अपील की है।

बसपा प्रमुख ने कहा कि इस मुद्दे का पूरी तरह से राजनीतिकरण हो जाने के साथ जन्तर-मन्तर में आन्दोलनकारियों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाईयों ने स्थिति को और अधिक गर्म व गंभीर बना दिया है। इस भारी तनाव व टकरावपूर्ण स्थिति के कारण संसद का वर्तमान मानसून सत्र अभी तक एक दिन भी सही व सुचारू रूप से नहीं चल पाया है, जिससे देश व जनहित के और भी अनेकों महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही एक प्रकार से रुक सी गयी है।

सरकार सीजेपी के आन्दोलन से निपटने के लिए जो उपाय ढूंढने का प्रयास कर रही है वह भ्रष्टाचार एवं अयोग्यता आदि के कारण होने वाले पेपरलीक होने के बाद की सख़्त कार्रवाई के द्योतक हैं, जबकि पेपरलीक के जघन्य अपराध ना हों इसके नियंत्रण के लिए उचित उपाय नहीं होता दिखने से भी लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।

मायावती ने अपनी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वर्तमान राजनीतिक हालात में उग्र व निराश होने के बजाय अपने लागों को अपने मिशन के प्रति पूरी लगन व तन, मन, धन से लगातार डटे रहना है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें