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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:19 · नई दिल्ली संस्करण

पलानीस्वामी ने लंबे समय तक बिजली कटौती को लेकर तमिलनाडु सरकार पर बोला हमला, तत्काल कार्रवाई की मांग

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
पलानीस्वामी ने लंबे समय तक बिजली कटौती को लेकर तमिलनाडु सरकार पर बोला हमला, तत्काल कार्रवाई की मांग

चेन्नई : एआईएडीएमके महासचिव ईके पलानीस्वामी ने रविवार को तमिलनाडु की नवनिर्वाचित सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि अपर्याप्त योजना और अस्थिर शासन के कारण व्यापक बिजली संकट पैदा हो गया है, जिससे घरों और उद्योगों दोनों पर असर पड़ रहा है।

एक बयान में पलानीस्वामी ने कहा कि यह सर्वविदित है कि गर्मियों के मौसम में तमिलनाडु में बिजली की मांग काफी बढ़ जाती है क्योंकि दिन के समय घरेलू खपत के साथ-साथ औद्योगिक और व्यावसायिक उपयोग भी बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के नेतृत्व वाली एआईएडीएमके सरकार के दौरान राज्य की मौसमी बिजली आवश्यकताओं को बिना किसी बाधा के पूरा करने के लिए अग्रिम एहतियाती कदम नियमित रूप से उठाए जाते थे।

एआईएडीएमके शासनकाल को याद करते हुए पलानीस्वामी ने दावा किया कि जब “अम्मा सरकार” ने 2011 में सत्ता संभाली थी, तब तमिलनाडु के कई हिस्सों में प्रतिदिन 10 घंटे से अधिक की बिजली कटौती हो रही थी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने बाद में कई रणनीतिक हस्तक्षेपों के जरिए इस संकट का समाधान किया और तमिलनाडु को बिजली अधिशेष वाला राज्य बना दिया।

पलानीस्वामी ने कहा कि पिछली सरकार ने गर्मियों में बढ़ती मांग का पूर्वानुमान लगाते हुए पवन, सौर और तापीय ऊर्जा स्रोतों से बिजली उत्पादन बढ़ाने के कदम उठाए थे। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यभर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार और निजी बिजली उत्पादकों से अल्पकालिक व्यवस्थाओं के तहत अतिरिक्त बिजली भी खरीदी गई थी।

वर्तमान सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उसके “ऊपरी और अस्थिर” रवैये ने तमिलनाडु के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर दी हैं।

उनके अनुसार, लंबे और बिना सूचना वाले बिजली कटौती ने लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित कर दिया है। रात में लोगों की नींद खराब हो रही है और दिन में बिजली जाने से खाना पकाने सहित अन्य जरूरी घरेलू कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि बिजली संकट से प्रभावित लोगों ने कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और आंदोलन भी किए हैं।

उन्होंने चेन्नई के उपनगरीय इलाकों जिनमें थंडियरपेट शामिल है, की रिपोर्टों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के निवासियों को बार-बार बिजली बाधित होने का सामना करना पड़ा और लोगों ने विरोध में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।

उन्होंने कहा कि बिजली संकट का असर केवल घरों तक सीमित नहीं है बल्कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के साथ-साथ बड़े उद्योगों पर भी पड़ा है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक दबाव बढ़ा है। उन्होंने नवगठित सरकार से हाल ही में सत्ता संभालने का बहाना न बनाने और बिजली संकट से निपटने के लिए युद्धस्तर पर तत्काल कदम उठाने की अपील की।

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