मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:55 · नई दिल्ली संस्करण

यूएई का कर्ज चुकाने के लिए पाकिस्तान ने दूसरे देश के सामने फैलाया हाथ, सऊदी अरब ने दिए 2 अरब डॉलर

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
यूएई का कर्ज चुकाने के लिए पाकिस्तान ने दूसरे देश के सामने फैलाया हाथ, सऊदी अरब ने दिए 2 अरब डॉलर

नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ तीन देशों, सऊदी अरब, कतर और तुर्किए, के दौरे पर हैं। पीएम शहबाज के दौरे के बीच सऊदी अरब ने पाकिस्तान को 2 अरब डॉलर की मदद दी है।

दरअसल, पाकिस्तान को संयुक्त अरब अमीरात ने इस महीने के अंत तक तीन अरब डॉलर का कर्ज लौटाने के लिए कहा था। ऐसे में पाकिस्तान ने अब सऊदी अरब से मदद मांगी है, ताकि वह यूएई से लिया कर्ज लौटा सके।

पाकिस्तानी मीडिया डॉन ने बताया कि स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने गुरुवार को पुष्टि की है कि पाकिस्तान को सऊदी अरब से 2 अरब डॉलर मिले हैं। सेंट्रल बैंक ने कहा कि राशि 15 अप्रैल 2026 की वैल्यू डेट में मिली थी।

यह डेवलपमेंट ऐसे समय में हुआ है, जब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मिडिल ईस्ट में शांति को बढ़ावा देने और डिप्लोमैटिक कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए सऊदी अरब गए हैं।

डॉन के अनुसार, सऊदी अरब ने एक दिन पहले पाकिस्तान के लिए अतिरिक्त 3 अरब डॉलर डिपॉजिट देने का वादा किया था और अपनी मौजूदा 5 बिलियन डॉलर की फैसिलिटी को तीन साल के लिए बढ़ा दिया।

वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने कहा कि मौजूदा 5 बिलियन डॉलर सऊदी डिपॉजिट अब पिछले सालाना रोलओवर अरेंजमेंट के तहत नहीं आएगा और इसके बजाय इसे लंबे समय के लिए बढ़ाया जाएगा।

पाकिस्तान के आर्थिक हालात बहुत बुरे हो चुके हैं, देश में महंगाई अपनी सीमा पार कर चुकी है।

पाकिस्तान के ऊपर विदेशी कर्ज बहुत ज्यादा है और यह पहले से ही बढ़ती ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों और मिडिल ईस्ट में तनाव से जुड़े आर्थिक असर से दबाव में है।

डॉन ने आधिकारिक आंकड़ों के हवाले से बताया कि 27 मार्च तक पाकिस्तान का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व 16.4 बिलियन डॉलर था, जो करीब तीन महीने के इंपोर्ट को कवर करने के लिए काफी है। हालांकि, यूएई से रीपेमेंट की जरूरत ने देश की अर्थव्यवस्था पर नया दबाव डाल दिया है।

मार्च में, पाकिस्तान 3.5 बिलियन डॉलर की फैसिलिटी को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात के साथ समझौता करने में नाकाम रहा।

यह सात साल में पहली ऐसी असफलता थी और इससे शॉर्ट-टर्म फाइनेंसिंग गैप को लेकर चिंता बढ़ गई।

पाकिस्तानी मीडिया डॉन ने माना कि पाकिस्तान की फॉरेन एक्सचेंज पोजीशन दबाव में है। आईएमएफ समर्थित रिफॉर्म्स के तहत एक बड़े स्टेबिलाइजेशन की कोशिश का हिस्सा बनी हुई है। विश्लेषकों का कहना है कि बाहरी फंडिंग रिस्क एक बड़ी कमजोरी बनी हुई है, खासकर एनर्जी की अस्थिर कीमतों और सीमित ग्लोबल कैपिटल मार्केट के बीच।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें