नवाज शरीफ के दो बेटों को अदालत ने भ्रष्टाचार के तीन मामलों में बरी किया
इस्लामाबाद,
20 मार्च । पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीएमएल-एन प्रमुख
नवाज शरीफ के दो बेटों को भ्रष्टाचार निरोधक अदालत ने मंगलवार को
भ्रष्टाचार के तीन मामलों में बरी कर दिया। इसी के साथ पूर्व प्रधानमंत्री
के परिवार के सामने आने वाली कानूनी परेशानियां लगभग समाप्त हो गई हैं।
हसन
और हुसैन नवाज को 2018 में पनामा पेपर्स लीक से संबंधित एवेनफील्ड,
फ्लैगशिप और अल-अजीजिया भ्रष्टाचार मामलों में आरोपी बनाया गया था।
राष्ट्रीय
जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) द्वारा 2018 में दायर एवेनफील्ड अपार्टमेंट,
अल-अजीजिया और फ्लैगशिप इन्वेस्टमेंट मामलों की जांच में शामिल होने में
विफल होने के कारण दोनों भाइयों को अपराधी घोषित कर दिया गया था।
हालांकि,
उनके विदेश में होने की वजह से मामले की सुनवाई नहीं हो पाई। मामले में
मुख्य आरोपी उनके पिता नवाज शरीफ को एवेनफिल्ड और अल-अजीजिया भ्रष्टाचार
मामलों में दोषी ठहराया गया था, लेकिन फ्लैगशिप मामले में बरी कर दिया गया
था।
तीन बार के प्रधानमंत्री और पाकिस्तान मुस्लिम
लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष नवाज शरीफ लगभग चार साल के स्व-निर्वासन
के बाद पिछले साल अक्टूबर में लंदन से पाकिस्तान लौटे । उन्होंने दो मामलों
में अपनी दोषसिद्धि को चुनौती दी और इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने उन्हें
बरी कर दिया। इससे उनके बेटों को आरोपों का सामना करने के लिए लंदन से
लौटने का साहस मिला।
अदालत द्वारा उन्हें भगोड़ा घोषित करने
पर 14 मार्च तक रोक के बाद दोनों 12 मार्च को स्वदेश लौटे। अंततः अदालत के
सामने पेश होने पर उन्हें जमानत मिल गई।
जवाबदेही अदालत ने
मंगलवार को बरी करने की याचिका पर सुनवाई की। न्यायाधीश नासिर जावेद राणा
ने मामले की सुनवाई के बाद तीनों मामलों में दोनों को बरी कर दिया।





