फिल्म उद्योग को ओटीटी ने फिर से जीवंत कर दिया : टीनू आनंद
जयपुर,
30 जनवरी । ओटीटी ने फिल्म उद्योग को फिर से जीवंत कर दिया है। कई
नए अभिनेताओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है, विशेषकर ऐसे
अभिनेता जिन्होंने थिएटर में प्रशिक्षण लिया है। कई अभिनेता, जिन्हें पहले
अवसर नहीं मिल रहे थे, वे ओटीटी प्लेटफार्मों के माध्यम से फिल्म उद्योग
में प्रवेश करने में सक्षम हुए हैं। हम ओटीटी को बुरा नहीं कह सकते, बल्कि
इसने इंडस्ट्री को नए ट्रेंड दिए हैं। यह बात निर्देशक और अभिनेता टीनू
आनंद ने 10वें राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (रिफ) 2024 में 'यूथ एंड
फिल्म हेरिटेज' विषय पर चर्चा के दौरान कही। वह कवि और पब्लिसिस्ट जगदीप
सिंह से बातचीत कर रहे थे।
टीनू आनंद ने दक्षिणी और बॉलीवुड फिल्म
निर्माण में महसूस किए गए अंतर के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि जब
दक्षिण में फिल्म निर्माण की बात आती है तो उन्होंने अधिक अनुशासन देखा है।
उन्होंने आगे कहा कि निर्माता और निर्देशक अधिक विनम्र और सम्मान पूर्ण
होते हैं।
निर्देशक ने अपने उस किस्से को भी साझा किया जब वह मास्टर
फिल्म निर्माता सत्यजीत रे के अधीन काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रे एक
महान निर्देशक थे और उनके अधीन काम करते हुए उन्होंने बहुत कुछ सीखा। वह
पूरी सटीकता के साथ काम करते थे और जानते थे कि उन्हें सेट पर क्या चाहिए।
उन्होंने कहा मैंने उनसे जो कुछ भी सीखा, अपने स्वयं के फिल्म निर्माण में
लागू किया। टीनू आनंद ने अपने युवा दिनों को याद करते हुए कहा कि उनका
राजस्थान से खास जुड़ाव है क्योंकि उन्होंने अजमेर के मेयो कॉलेज से पढ़ाई
की है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने स्कूल से बेहद अनुशासन सीखने को मिला,
जिसने उनके काम में भी आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त किया।





