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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:40 · नई दिल्ली संस्करण

नीट प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ विपक्ष का संसद में मोर्चा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
नीट प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ विपक्ष का संसद में मोर्चा

नई दिल्ली। कई विपक्षी सांसदों ने सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस देकर 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर किए गए बल प्रयोग पर तत्काल चर्चा की मांग की।

यह नोटिस 20 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित बड़े पैमाने पर 'संसद चलो' प्रदर्शन के बाद दिए गए हैं। यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के विरोध में आयोजित किया गया था, जिसमें सैकड़ों छात्रों ने हिस्सा लिया था।

प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग कर रहे थे। बाद में धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ गए और हिंसा की घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया।

इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल, मणिकम टैगोर, हिबी ईडन और विजयकुमार उर्फ विजय वसंत ने लोकसभा में अलग-अलग स्थगन प्रस्ताव नोटिस देकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग पर चर्चा की मांग की।

नोटिस में आरोप लगाया गया है कि सुरक्षा बलों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पेलेट गन और शॉक बैटन सहित अत्यधिक और घातक बल का इस्तेमाल किया, जिससे कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए और कुछ के दृष्टि खोने की आशंका भी जताई गई है।

राज्यसभा में कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने नियम 267 के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित अत्यधिक बल प्रयोग पर तत्काल चर्चा की मांग की।

वहीं, डीएमके सांसद टीआर बालू ने भी लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस देकर नीट पर तत्काल प्रतिबंध लगाने और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित रूप से घातक हथियारों के इस्तेमाल की जांच कराने की मांग की।

इस बीच, केंद्र सरकार सोमवार को संसद में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करने जा रही है। इस विधेयक का उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली धांधली के खिलाफ कानूनी ढांचे को और मजबूत बनाना है।

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