मारीशस के पूर्व राष्ट्रपति जगन्नाथ के निधन पर भारत में एक दिन का राजकीय शोक, राष्ट्रपति और पीएम मोदी ने जताया दुख
पीएम नरेंद्र मोदी ने भी जगन्नाथ के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे आधुनिक मारीशस के वास्तुकार थे। उन्होंने ट्वीट किया कि पद्म विभूषण सर अनिरुद्ध जगन्नाथ एक बड़े राजनेता थे। उनके परिवार और मारीशस के लोगों के प्रति संवेदना। ओम शांति।
नई दिल्ली : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मारीशस के पूर्व राष्ट्रपति अनिरुद्ध जगन्नाथ के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उनके निधन पर भारत में एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। राष्ट्रपति कोविंद ने ट्विटर पर कहा कि भारत-मारीशस संबंधों में उनके ऐतिहासिक योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। सर अनिरुद्ध जगन्नाथ वैश्विक और दूरदर्शी नेता थे। वह पद्म विभूषण और भारत के असाधारण मित्र थे। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जगन्नाथ के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे आधुनिक मारीशस के वास्तुकार थे। उन्होंने ट्वीट किया कि पद्म विभूषण सर अनिरुद्ध जगन्नाथ एक बड़े राजनेता थे। उनके परिवार और मारीशस के लोगों के प्रति संवेदना। ओम शांति। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी श्रद्धांजलि दी है। भारतीय मूल के अनिरुद्ध जगन्नाथ मारीशस में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ही पदों पर रहे थे।
वहीं, गृह मंत्रालय ने मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति अनिरुद्ध जगन्नाथ के निधन पर शनिवार को एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।
यूपी के बलिया जिले के मूल निवासी थे पूर्व राष्ट्रपति के पूर्वज
मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति अनिरुद्ध जगन्नाथ के पूर्वज उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के मूल निवासी थे। बलिया जिले के रसड़ा थाना क्षेत्र का अठिलपुरा गांव उनके पुरखों का निवास स्थान रहा है। गांव वालों के अनुसार उनके पिता विदेशी यादव और चाचा झुलई यादव को अंग्रेजों ने वर्ष 1873 में गिरमिटिया मजदूर के रूप में जहाज से गन्ने की खेती के लिए मारीशस भेजा था। गिरमिटिया मजदूर से लेकर सत्ता के शीर्ष तक का सफर तय करने वाला परिवार आज मॉरीशस का सबसे बड़ा राजनीतिक परिवार भी माना जाता है।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के दोनों पद रहे अनिरुद्ध जगन्नाथ
गौरतलब है कि अनिरुद्ध जगन्नाथ का जन्म 29 मार्च 1930 को मॉरिशस में हुआ। वे ऐसे राजनीतिज्ञ रहे जो मॉरिशस के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति दोनों पदों पर रहे हैं। वो वर्ष 2003 से 2012 तक देश के राष्ट्रपति थे। इससे पहले भी वो देश के प्रधानमन्त्री भी रहे। वे जगन्नाथ भारतीय मूल के थे।





