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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:46 · नई दिल्ली संस्करण

पीएम मोदी की अपील पर मायावती ने की केंद्र-राज्य सरकारों से गरीबों को राहत देने की मांग

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पीएम मोदी की अपील पर मायावती ने की केंद्र-राज्य सरकारों से गरीबों को राहत देने की मांग

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव को लेकर देश में संभावित ऊर्जा और आर्थिक संकट पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस समेत आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से आम जनता पर गंभीर असर पड़ सकता है।

मायावती ने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की कि कोरोना काल और महंगाई की मार झेल रहे गरीब व मेहनतकश परिवारों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि संकट की इस घड़ी में उन्हें सहारा मिल सके।

बसपा मुखिया मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध जारी युद्ध समाप्ति की अनिश्चितता के कारण, खासकर ऊर्जा संकट व विदेशी मुद्रा भंडार की चिंताओं के मद्देनज़र, प्रधानमंत्री द्वारा देश के लोगों से ’संयम’ बरतने की गई अपीलों से यह साबित है कि भारत के समक्ष संकट केवल पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस आदि पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर ही नहीं बल्कि आर्थिक संकट भी गहराएगा, जिससे करोड़ों भारतवासियों का जीवन प्रभावित हो रहा है तथा जिसके जारी रहने की भी गंभीर आशंका है।

उन्होंने आगे लिखा कि ऐसे समय में जबकि कोरोना काल की जबरदस्त मार के बाद रोजी-रोटी तक के संकट का जीवन झेल रही देश की लगभग सौ करोड़ जनता के पास और अधिक संयमित होने व खोने को कुछ खास नहीं बचा है, तो ऐसी स्थिति में केंद्र एवं राज्य सरकारें उन गरीब व मेहनतकश परिवारों को थोड़ी राहत देकर उनका सहारा बनने के लिए खुद ही कुछ बेहतर करने का उपाय जरूर करें तो यह जन व देशहित में उचित होगा, ऐसी आम जन भावना।

गौरतलब है कि ईरान संकट और वैश्विक अस्थिरता के बीच प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से पेट्रोल और डीज़ल की खपत कम करने, अधिक से अधिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने, अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने, एक वर्ष तक सोने की खरीदारी टालने, घर से काम को प्राथमिकता देने तथा किसानों से रासायनिक खाद के इस्तेमाल में 50 प्रतिशत तक कटौती करने की अपील की गई है। सरकार का तर्क है कि इससे ऊर्जा खपत, आयात दबाव और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ने वाले असर को कम करने में मदद मिलेगी।

हालांकि, विपक्षी दल इस अपील को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव से पहले ही जूझ रही आम जनता पर “संयम” का अतिरिक्त बोझ डालना समस्याओं का समाधान नहीं है।

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