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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:13 · नई दिल्ली संस्करण

69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने घेरा मंत्री ओमप्रकाश राजभर का आवास

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

लखनऊ। हाई कोर्ट डबल बेंच का आदेश आने के बाद से लगातार 69000 शिक्षक भर्ती के अंतर्गत नियुक्ति की मांग को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी आंदोलनरत हैं। यह सभी अभ्यर्थी लगातार एक के बाद एक मंत्री, नेता के आवसों का घेराव कर रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के आवास का घेराव किया। यहां बड़ी संख्या में पहुंचे अभ्यार्थी जोरदार नारेबाजी करते हुए हाई कोर्ट डबल बेंच के फैसले का पालन करने व नियुक्ति दिए जाने की मांग की।ओमप्रकाश राजभर के आवास के बाहर लगभग एक घंटे तक नारेबाजी अभ्यर्थी करते रहे। इसपर मंत्री ओमप्रकाश राजभर अपने आवास के बाहर आकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने अभ्यर्थियों को आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार इस मामले का हल निकालने के लिए प्रयासरत है।आंदोलन व धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने कहा कि हम ओबीसी और एससी वर्ग के नेताओं और मंत्रियों के आवास का घेराव इसलिए भी कर रहे हैं कि वह मुख्यमंत्री योगी जी से मुलाकात कर इस मामले का समाधान कराये। हम सभी अभ्यर्थी पिछले 4 साल से सड़कों पर भटक रहे हैं अब कोर्ट का फैसला आया है तो इसका पालन किया जाना चाहिए।अमरेंद्र पटेल ने बताया कि वर्ष 2018 में यह भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। जब इसका परिणाम आया तो इसमें व्यापक स्तर पर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया गया और उन्हें नौकरी देने से वंचित कर दिया गया। एक लंबे आंदोलन और न्यायिक प्रक्रिया से गुजरने के बाद बीते 13 अगस्त 2024 को लखनऊ हाई कोर्ट के डबल बेंच ने हम आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के हित में फैसला सुनाया है और नियमों का पालन करते हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने का आदेश दिया है, लेकिन सरकार इस प्रकरण में हीला-हवाली कर रही है। हम चाहते हैं कि सरकार जल्द से इस प्रकरण का समाधान करें और एक शेड्यूल जारी करके बताएं कि हम पीड़ितों की नियुक्ति कब की जा रही है।पटेल ने कहा कि, कोर्ट ने 69000 शिक्षक भर्ती मूल चयन सूची रद्द करते हुए सरकार को तीन महीने के अंदर आरक्षण नियमों का पालन करते हुए नई सूची जारी करने का आदेश दिया है। लेकिन सरकार ने अभी तक कोई काम शुरू नहीं किया है केवल एक मीटिंग की है। हमारी मांग है कि सरकार हमारी चयन संबंधित प्रकिया का कार्यक्रम शेड्यूल जारी कर दे।

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