बिहार में अब यूपी की तर्ज पर होगा क्राइम कंट्रोल

बिहार में अब यूपी की तर्ज पर होगा क्राइम कंट्रोल
-विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच अपराध नियंत्रण संशोधन विधेयक पास
पटना। बिहार में भी अब यूपी की तर्ज पर क्राइम कंट्रोल होगा। विधानसभा में गुरूवार को बिहार अपराध नियंत्रण संशोधन अधिनियम पास हो गया है। इसके पेश होते ही विपक्ष हंगामा करने लगा। कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा ने कहा कि इसे मार्च 2024 तक जनमत के लिए पेश किया जाए। इस कानून को आनन-फानन में लाया गया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में अपराध नियंत्रण के लिए कानून में संशोधन को लेकर सीएम को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इससे बिहार में माफिया पर नियंत्रण लगेगा। हंगामे के बीच बिहार अपराध नियंत्रण सशोधन विधेयक-2024 पास हो गया।विधानसभा की कार्यवाही ब्रेक के बाद दोपहर 2 बजे फिर से शुरू हुई। जहां बिहार तकनीकी सेवा आयोग संशोधन विधेयक 2024 को मंजूरी दी गई। बिहार लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक -2024, बिहार लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक -2024 पेश किया गया। विधानसभा में बिहार राज्य महिला आयोग, बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग, बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड, बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड, बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग समेत 10 संशोधन विधेयक पास किए गए। अब इन विधेयकों को विधान परिषद में पेश किया जाएगा। यहां से विधेयक पास होने के बाद भंग होने का नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इन विधेयकों में सबसे अहम है बिहार अपराध नियंत्रण विधेयक 2024। यह कानून 1981 के कानून की जगह लेगा। वहीं राजद ने पहले ही इसका विरोध किया है। राजद के विधायक भाई बीरेंद्र ने कहा कि सरकार ने अपना विरोध करने वाले को जेल में डालने और जिला बदर करने के लिए ये योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी को जो पावर दिया गया है वो निश्चित तौर पर यह गलत है। जिस तरीके से छात्र आंदोलन हुआ था। उसी तरीके से इस कानून के खिलाफ सभी लोगों को एक साथ आंदोलन करना होगा।जानकारी के मुताबिक, बिहार सरकार राज्य में बालू, दारू, जमीन और साइबर माफिया के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के मूड में है। इस नए कानून के जरिए राज्य में आर्थिक और साइबर अपराध के बढ़ने, नई तकनीक (डिजिटल साधनों) से होने वाले क्राइम पर नकेल कसने की तैयारी है। नए कानून में गैंगस्टरों और साइबर अपराधियों को रोकने के लिए पुलिस की शक्ति बढ़ाई गई है। नए अपराध नियंत्रण विधेयक में इंस्पेक्टर स्तर तक के अधिकारी को तलाशी लेने और सामान जब्त करने की शक्ति दी गई है। ऐसे में पुलिस की ताकत बढ़ेगी। अपराध नियंत्रण के लिए सार्वजनिक जगहों पर सीसीटीवी कैमरा और सिक्योरिटी डिवाइस की व्यवस्था के लिए बिहार लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक, 2024 भी बुधवार को पास हुआ। इसके तहत राज्य के प्रतिष्ठानों, धार्मिक-शैक्षणिक संस्थानों, अपार्टमेंट, अस्पताल, बैंक, स्टेशन, बस स्टैण्ड पर सीसीटीवी कैमरा लगाने या निजी सीसीटीवी के 30 दिनों तक के वीडियो फुटेज लेने की शक्ति सरकार को होगी। इसके लिए सीसीटीवी लगाने वाले मना नहीं कर सकते।





