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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:27 · नई दिल्ली संस्करण

नोरा के गाने पर बवाल: कौन हैं 'सरके चुनर' फेम मंगली? गीतकार रकीब आलम का 'डबल मीनिंग' गानों से है पुराना नाता

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
नोरा के गाने पर बवाल: कौन हैं 'सरके चुनर' फेम मंगली? गीतकार रकीब आलम का 'डबल मीनिंग' गानों से है पुराना नाता

मुंबई। संजय दत्त और नोरा फतेही की फिल्म 'केडी: द डेविल' का गाना ‘सरके चुनर तेरी सरके' विवादितों में घिर चुका है। गाने पर कार्रवाई करने की बात की जा रही हैं और मेकर्स ने पहले ही गाना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया है।

विवादित गीत को लेकर सोशल मीडिया पर नोरा फतेही की कड़ी आलोचना हो रही है, किंतु क्या आप जानते हैं कि इस गाने के पीछे वास्तविक लोग कौन हैं? इस गीत के हिंदी बोल किसी साधारण लेखक ने नहीं, बल्कि उस गीतकार ने लिखे हैं जिनके गीत से सजी फिल्म को ऑस्कर भी मिला और कई फिल्में ब्लॉकबस्टर भी रही। ये गीतकार हैं रकीब आलम। वहीं, इसे अपनी आवाज देने वालीं सुप्रसिद्ध गायिका मंगली हैं।

पहले बात करते हैं कि सिंगर मंगली की। सत्यवती राठौड़ ही मंगली हैं, जिन्हें प्यार से उनके फैंस मंगली कहकर बुलाते हैं। मंगली तेलंगाना की एक लोकप्रिय भारतीय लोक गायिका हैं और तमिल, तेलुगू और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में गाना गाती हैं, लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि मंगली ने नोरा फतेही और संजय दत्त के साथ 'सरके चुनर' से हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया है। यह उनका पहला हिंदी गाना है। इसके अलावा, उन्होंने इसी फिल्म का तेलुगू वर्जन भी गाया है।

टीवी प्रेजेंटर के तौर पर अपना करियर शुरू करने वाली मंगली दक्षिण भारत में अपनी भारी लेकिन हाई-पिच आवाज के लिए जानी जाती हैं, हालांकि उन्होंने भी नहीं सोचा होगा कि उनका पहला हिंदी गाना इतना विवादित होगा।

अब बात करते हैं कि गीतकार रकीब आलम की। रकीब आलम हिंदी सिनेमा के जाने-माने गीतकार हैं, जो ब्लॉकबस्टर फिल्मों से लेकर ऑस्कर-विजेता फिल्मों के लिए गीत लिख चुके हैं। हालांकि, विवाद के बाद रकीब का कहना है कि यह गीत वे लिखना नहीं चाहते थे, लेकिन डायरेक्टर के कहने पर कन्नड़ भाषा में लिखे गीत को वर्ड-टू-वर्ड ट्रांसलेट कर दिया था।

बता दें कि फिल्म के तेलुगू गाने के बोल ऑस्कर-विजेता गीतकार चंद्र बोस ने लिखे हैं।

गीतकार चंद्र बोस ने 'पुष्पा' का गाना 'उ अंटा वा वा' के तमिल बोल भी लिखे थे और हिंदी वर्जन के बोल रकीब आलम ने ही लिखे थे। हालांकि, अभी तक यह सामने नहीं आया है कि कन्नड़ गीत के बोल किसने लिखे हैं।

गीतकार रकीब आलम ने वर्तमान विवादित गीत से भले ही दूरी बना ली हो, लेकिन उनके करियर का ग्राफ 'डबल मीनिंग' और बोल्ड गानों से अछूता नहीं रहा है।

उदाहरण के तौर पर, ऑस्कर विजेता फिल्म ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ का चर्चित गीत ‘रिंग-रिंग रिंगा’ अपनी चुलबुली धुन के पीछे छिपे संकेतों के कारण आज भी चर्चा में रहता है। गाने की लाइन्स हैं- "खटिए पे मैं पड़ी थी और गहरी नींद बड़ी थी, आगे क्या मैं कहूं सखी रे, एक खटमल था सयाना, मुझपर था उसका निशाना, चुनरी में घुस गया धीरे-धीरे...।"

इसी तरह, फिल्म ‘पुष्पा’ का आइटम नंबर 'उ अंटा वा वा' अत्यंत बोल्ड शब्दावली का प्रयोग करता है। हालिया रिलीज फिल्म 'पुष्पा 2' के गीत 'अंगारों का अंबर सा', 'किसिक' और 'पीलिंग्स' में भी रकीब आलम ने ऐसी ही तुकबंदी का सहारा लिया है, जो युवाओं के बीच वायरल होने के लिए रची गई प्रतीत होती हैं।

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