19 लाख बेरोजगारों को नौकरी देने का वादा पूरा करने को कमर कसी नीतीश सरकार
सभी विभागों से सर्वोच्च प्राथमिकता के आाधार पर रिक्त पदों का ब्योरा मांगा
पटना : मुख्यमंत्री नीतीशा कुमार ने विधानसभा चुनाव में बेरोजगारी को सबसे बड़ा मुद्दा बनाए जाने से सबक लेते हुए अपनी नई पारी धमाकेदार तरीके से शुरू की है। बिहार के बेरेजगार युवाओं को तत्काल रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार गठित होने के 24 घंटे के भीतर ही नीतीश सरकार ने सभी विभागों से सर्वोच्च प्राथमिकता के आाधार पर रिक्त पदों का ब्योरा मांगा है। विभागवार पदों को भरने के लिए जल्द ही विज्ञापन जारी किया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग से खाली पदों का ब्योरा देने को लेकर एक पत्र जारी किया गया है। पत्र में विभागीय प्रमुखों को स्पष्ट तौर पर यह जानकारी देने को कहा गया है कि उनके यहां स्वीकृत पदों के विरुद्ध कितने संविदा या नियोजन द्वारा कितने लोग काम कर रहे हैं। पहले से नियुक्त लोगों के अलावा कितने पद खाली पड़े हैं, जिन पर संविदा के आधार पर नियुक्ति होनी है। संविदा या नियोजन के लिए प्रक्रियाधीन पदाधिकारियों और क र्मियों की संख्या कितनी है। राज्य सरकार ने अधिकारियों को कहा है कि रिटायर कर्मियों का संविदा नियोजन छोड़कर अन्य सभी पदों का ब्योरा सर्वोच्च प्राथमिकता देकर तुरंत उपलब्ध कराएं। ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव 2020 में महागठबंधन ने सरकारी नौकरी और रोजगार को ही बड़ा मुद्दा बनाया था। महागठबंधन ने वादा किया था कि अगर उनकी सरकार बनती है तो 24 घंटे के भीतर ही 10 लाख नौकरियां देने की कवायद शुरू की जाएगी। मुद्दे को समर्थन मिलते देख एनडीए ने मौका देखते ही 19 लाख नौकरियां देने का वादा कर दिया। अब एनडीए की सरकार बनने के बाद नीतीश सरकार द्वारा उसी वादे को पूरा करने की कवायद की जा रही है।





