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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:40 · नई दिल्ली संस्करण

सोशल मीडिया बैन से नेपाल में भड़की जेनजी, पीएम बोले, 'कानून का अनादर स्वीकार नहीं'

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

काठमांडू। नेपाल में फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब समेत कई सोशल मीडिया साइट्स पर प्रतिबंध लगाने के बाद जेनरेशन जी (18 से 30 साल) के हजारों युवा सोमवार को राजधानी काठमांडू की सड़कों पर उतर आए। प्रतिबंध के विरोध में युवाओं ने न्यू बानेश्वर स्थित संसद भवन परिसर में घुसने की कोशिश की।

प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स को क्षतिग्रस्त करने और आगजनी की कोशिश भी की, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। कुछ प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है।

हालात के मद्देनजर काठमांडू जिला प्रशासन ने दोपहर 12.30 बजे न्यू बानेश्वर और उसके आसपास के इलाकों में रात 10 बजे तक के लिए कर्फ्यू लगा दिया।

नेपाल की सरकार का कहना है कि 'रजिस्टर्ड' नहीं होने की वजह से सोशल मीडिया साइट्स को बैन किया गया है, जबकि प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि देश में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी है और इस पर सवाल उठाने की वजह से प्रतिबंध लगाया गया है।

इस हिंसक आंदोलन के बाद पीएम केपी ओली ने कहा, ''मैंने एक सुनियोजित 'जेन जी विद्रोह' के बारे में सुना है। हम सोशल मीडिया के खिलाफ नहीं हैं। हम अराजकता, अहंकार और अपने देश को नीचा दिखाने के खिलाफ हैं। जो बात स्वीकार नहीं की जा सकती, वह यह है कि जो लोग नेपाल में व्यापार करते हैं, पैसा कमाते हैं और फिर भी कानून का पालन नहीं करते हैं।"

नेपाल पीएमओ के मुताबिक पीएम केपी ओली ने कहा कि कानून और संविधान की अवहेलना करने और राष्ट्रीय गरिमा, स्वतंत्रता और संप्रभुता का अनादर करने को कैसे स्वीकार किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक साल तक हमने सोशल नेटवर्क साइट्स से कहा कि कानून के तहत पंजीकरण कराएं, टैक्स चुकाएं और जवाबदेह बनें। उन्होंने जवाब दिया, 'हमें आपका संविधान नहीं पता।' फिर बुद्धिजीवी शिकायत करते हैं कि चार नौकरियां चली गईं, लेकिन क्या चार नौकरियां राष्ट्रीय स्वाभिमान से बड़ी हैं? हो सकता है कि चार नौकरियां चार दिनों के लिए चली जाएं, लेकिन नई नौकरियां आएंगी। वे एक साथ ऑपरेटर, प्रबंधक और उपभोक्ता नहीं हो सकते।"

केपी ओली ने सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के अधिवेशन के अंतिम दिन पार्टी प्रतिनिधियों को संबोधित किया। ओली ने कहा कि पार्टी हमेशा विसंगतियों और अहंकार का विरोध करेगी और राष्ट्र को कमजोर करने वाले किसी भी कार्य को कभी स्वीकार नहीं करेगी।

'द काठमांडू पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, 25 अगस्त को नेपाल कैबिनेट ने फैसला किया था कि सभी सोशल मीडिया ऑपरेटर्स को सोशल मीडिया के उपयोग के नियमन संबंधी निर्देश, 2023 के तहत सात दिनों के भीतर पंजीकरण कराना होगा और यह समय सीमा 3 सितंबर को समाप्त हो गई। 4 सितंबर को नेपाल सरकार ने सभी अपंजीकृत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर दिया।

नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण (एनटीए) ने 26 प्लेटफार्मों के नाम शेयर किए, उनमें फेसबुक, मैसेंजर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, व्हाट्सएप, एक्स, लिंक्डिन, स्नैपचैट, रेडिट, डिस्कॉर्ड, पिनटेरेस्ट, सिग्नल, थ्रेड्स, वीचैट, क्वोरा, टम्बलर, क्लबहाउस, मैस्टोडॉन, रंबल, वीके, लाइन, आईएमओ, ज़ालो, सोल और हैमरो पैट्रो शामिल हैं।

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