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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:56 · नई दिल्ली संस्करण

नीट पेपर लीक: कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी छात्र परिषद की याचिका ठुकराई

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
नीट पेपर लीक: कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी छात्र परिषद की याचिका ठुकराई

कोलकाता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने शनिवार को पश्चिम बंगाल तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसी छात्र परिषद) की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें दिल्ली में कथित लाठीचार्ज का सामना करने वाले छात्रों के समर्थन में नीट पेपर लीक मुद्दे पर रैली निकालने की अनुमति मांगी गई थी।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की विशेष पीठ ने की। अदालत ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए रैली की अनुमति देना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह पुलिस अधिकारियों के निर्णय में हस्तक्षेप करने के पक्ष में नहीं है और याचिका खारिज की जाती है।

टीएमसी छात्र परिषद की प्रदेश अध्यक्ष प्रियंका अधिकारी ने शनिवार को दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक पद्मपुकुर से मौलाली तक रैली निकालने की अनुमति मांगी थी। इससे पहले 24 जुलाई को संयुक्त पुलिस आयुक्त ने मौजूदा हालात और यातायात प्रबंधन का हवाला देते हुए ईमेल के जरिए रैली की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अरका कुमार नाग ने अदालत को बताया कि 23 जुलाई को अनुमति के लिए आवेदन किया गया था। उन्होंने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध और उनके समर्थन में यह रैली आयोजित की जानी थी।

आवेदन में कॉलेज स्क्वायर से एस्प्लेनेड या पार्क सर्कस सेवन प्वाइंट से सीआईटी रोड होते हुए मौलाली तक रैली निकालने का प्रस्ताव भी दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेज स्क्वायर पर लोग पहले से एकत्र हैं।

इस पर न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि प्रस्तावित समय समाप्त हो चुका है और ऐसी कोई आपात स्थिति नहीं है, जिसके आधार पर तत्काल राहत दी जाए। अदालत ने कहा कि यदि इस समय रैली की अनुमति दी जाती है तो कानून-व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ सकती है।

न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि छात्रों के प्रति एकजुटता दिखानी है तो अन्य माध्यम अपनाए जा सकते हैं, क्योंकि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है।

राज्य सरकार की ओर से सरकारी वकील दिब्येंद्र नारायण राय ने याचिका का विरोध किया। वहीं, एडवोकेट जनरल सुरजीत नाथ मित्रा ने अदालत से कहा कि शुक्रवार को बड़े पैमाने पर रैली हुई थी, जिसमें पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

ऐसे में यदि अलग-अलग राजनीतिक दल और उनके छात्र संगठन इसी मुद्दे पर रैलियां निकालते हैं तो स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है।

सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में पुलिस द्वारा रैली की अनुमति न देने का निर्णय उचित प्रतीत होता है। इसलिए अदालत पुलिस के निर्णय में हस्तक्षेप नहीं करेगी और याचिका को खारिज किया जाता है।

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