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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:45 · नई दिल्ली संस्करण

उष्ण लहर से सावधान रहने की आवश्यकता, बच्चों व वृद्धों एवं रोगियों के लिए खतरनाक

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

कानपुर। बढ़ती गर्मी व उष्ण लहर सामान्य लोगों के लिए सहनीय रहेगी। लेकिन

छोटे बच्चों,वृद्धों और गंभीर रोगियों के लिए यह खतरनाक साबित हो सकती है।

ऐसे में लोगों से अपील है कि वह धूप में जाने से बचें। चन्द्रशेखर आजाद

कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के मौसम वैज्ञानिक

डॉ.एस.एन.सुनील पांडेय ने रविवार को बताया कि अब दिन प्रतिदिन गर्मी बढ़

रही है। इसके साथ ही लू एवं उष्ण लहर भी शुरू हो चुकी है।

मजदूरों, औद्योगिक श्रमिक, खनन श्रमिक,किसान तेज धूप में देर तक काम करने

वाले लोगों को निर्जलीकरण एवं लू लगने की संभावना है। इसके साथ ही उष्ण लहर

का प्रभाव पशुधन एवं खड़ी फसल, कृषि एवं बागवानी फसलों पर इसका मामूली

प्रभाव पड़ेगा।

लू एवं निर्जलीकरण से बचाव के उपाय

डॉ.पांडेय

ने गर्मी व लू से बचाने के लिए सलाह देते हुए बताया कि इन दिनों दोपहर को

अधिक समय तक धूप में रहने से बचें। इसके साथ ही हल्के रंग के और ढीले एवं

पूरी तरह से सूती कपड़ा पहने, धूप में जाते समय सिर को सूती कपड़े से ढकें

या टोपी, छतरी से ढक कर निकलें।

निर्जलीकरण से बचने के लिए

पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करें। खुद को हाईड्रेड रखने के लिए

ओआरएस घोल बनाकर पिये। घर में बने पेय पदार्थ जैसे लस्सी, तोरानी, चावल का

पानी, नींबू और पानी और छाछ आदि का उपयोग करे। खड़ी फसल के खेतों में नमी

बनाए रखने के लिए शाम के समय खेत में पानी भरे।

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