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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:07 · नई दिल्ली संस्करण

एनडीए नेता कर रहे संविधान को कमजोर करने की कोशिश: मनोज झा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
एनडीए नेता कर रहे संविधान को कमजोर करने की कोशिश: मनोज झा

दिल्ली। राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने शनिवार को एनडीए पर निशाना साधा और कहा कि एनडीए के नेता बिहार चुनाव अभियान में जिस तरीके से बोल रहे हैं, वह संविधान को कमजोर करने का प्रयास है।

मनोज झा ने आईएएनएस से कहा कि बिहार चुनाव अभियान में सत्ताधारी दल जिस तरह की भाषा और बयानबाजी कर रहा है, वह सिर्फ धर्मनिरपेक्षता का मजाक नहीं, बल्कि भारत के संविधान के मूल भाव को कमजोर करने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के नेताओं का रवैया संविधान की मूल भावना के विरुद्ध जाता है।

उन्होंने कहा, "आज बिहार के चुनाव अभियान में वे जो बोल रहे हैं, वह सेक्युलरिज्म का मजाक नहीं, बल्कि संविधान को कमजोर करने का प्रयास है।"

पुरी में हुई भगदड़ की जांच पर भी मनोज झा ने सरकार और प्रशासन को घेरा। उन्होंने कहा कि देश में धार्मिक आस्था और धार्मिक उन्माद की रेखा अब पूरी तरह धुंधली हो चुकी है।

मनोज झा ने कहा कि भीड़ जुटाने से पहले न तो उचित एसओपी लागू किए जाते हैं और न ही पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की जाती है।

इसी लापरवाही का नतीजा है कि निर्दोष लोग अपनी जान गंवा बैठते हैं और बाद में वे सिर्फ एक सांख्यिकीय आंकड़ा बनकर रह जाते हैं।

उन्होंने कहा, इस देश में धार्मिकता और धार्मिक उन्माद की रेखा मिट चुकी है। बिना भीड़ प्रबंधन और बिना पर्याप्त पुलिस बल के विशाल भीड़ जमा कर दी जाती है और फिर मासूम लोग मर जाते हैं और सिर्फ आकंड़ों में बदल जाते है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए मनोज झा ने कहा कि चुनावी माहौल में पीएम मोदी की भाषा कई बार असावधान हो जाती है, जिससे जनता के मूड का अंदाजा लगाया जा सकता है।

उन्होंने कहा, "मेरे लिए सबसे बड़ा ओपिनियन पोल तब होता है जब प्रधानमंत्री की भाषा फिसलने लगती है। मंच से 'कट्टा' जैसे शब्द निकलते हैं तब मुझे लगता है कि वे चुनाव हारेंगे।"

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