नायब सरकार का किसानों के लिए बड़ा फैसला — रबी फसल 2025 की क्षति पर 52.14 करोड़ रुपये का मुआवजा जारी

नायब सरकार का किसानों के लिए बड़ा फैसला — रबी फसल 2025 की क्षति पर 52.14 करोड़ रुपये का मुआवजा जारी
चंडीगढ़/नई दिल्ली, 31 जुलाई — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के किसानों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए रबी सीजन 2025 में ओलावृष्टि और भारी वर्षा से प्रभावित फसलों की भरपाई के लिए 52.14 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि जारी की है। यह राहत राज्य के 15 जिलों के 22,617 किसानों को सीधे मिलेगी, जो प्राकृतिक आपदा के चलते अपनी उपज गंवाने को मजबूर हुए थे।
मुख्यमंत्री सैनी ने यह मुआवजा हरियाणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की नई वेबसाइट के शुभारंभ अवसर पर जारी किया। उन्होंने बताया कि यह मुआवजा ‘क्षतिपूर्ति पोर्टल’ पर दर्ज किसानों के दावों और फील्ड स्तर पर किए गए गहन सत्यापन के आधार पर स्वीकृत किया गया है। यह पोर्टल दिसंबर 2024 से मार्च 2025 तक सक्रिय रहा, जिसमें राज्यभर से किसानों ने अपनी फसल क्षति का ब्यौरा दर्ज कराया था।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आकलन के अनुसार कुल 57,485 एकड़ कृषि भूमि को मुआवजे के लिए पात्र पाया गया। सबसे अधिक प्रभावित जिला रेवाड़ी रहा, जिसे 19.92 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। महेंद्रगढ़ को 10.74 करोड़, झज्जर को 8.33 करोड़, गुरुग्राम को 4.07 करोड़, चरखी दादरी को 3.67 करोड़ तथा भिवानी को 2.24 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है। अन्य जिलों को भी उनकी प्रभावित भूमि और सत्यापित किसानों के अनुसार उपयुक्त सहायता दी गई है।
यह मुआवजा राशि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित आपदा राहत मानकों के अनुरूप, सत्यापित प्रभावित क्षेत्र के आधार पर निर्धारित की गई है। इस पूरी प्रक्रिया में जिला प्रशासन की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही, जिन्होंने समयबद्ध तरीके से दावों की जांच, पुष्टि और पात्र किसानों को राहत राशि हस्तांतरित करने का कार्य किया।
मुख्यमंत्री सैनी ने इस अवसर पर कहा कि उनकी सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और प्राकृतिक आपदाओं के समय किसानों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे ‘क्षतिपूर्ति पोर्टल’ जैसी डिजिटल पहलों का अधिक से अधिक लाभ लें, ताकि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
इस कार्यक्रम में हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, विभाग की वितायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के महानिदेशक श्री के.एम. पांडुरंग, ओएसडी श्री भारत भूषण भारती, मीडिया सचिव श्री प्रवीण अत्रेय सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
यह निर्णय स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि नायब सरकार किसानों की पीड़ा को समझती है और उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए तत्पर है। यह राहत राशि किसानों के परिश्रम और उनके आत्मसम्मान के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक है।





