Navratri 2026: नवरात्र से पहले घर में कर लें ये 7 काम, नहीं तो अधूरी रहेगी पूजा!
Navratri 2026 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू हो रही है। इससे पहले घर की तैयारी जरूरी है। पूरे घर की सफाई कर कबाड़ निकालें, खासकर ईशान कोण साफ रखें। मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण और स्वास्तिक बनाएं। पूजा चौकी, मिट्टी का कलश, जौ, लाल चुनरी और अखंड ज्योति का सामान ला लें। रसोई से लहसुन-प्याज हटाकर व्रत का सामान रख लें। मन में शांति रखें और दुर्गा मंत्र का जाप शुरू कर दें।

साल 2026 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से हो रही है। इसी दिन घटस्थापना होगी, जिसका शुभ मुहूर्त सुबह 6:19 से 10:12 बजे तक रहेगा। 19 अक्टूबर तक 9 दिन मां के 9 रूपों की पूजा होगी और 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। नवरात्र से ठीक एक दिन पहले 10 अक्टूबर को सर्व पितृ अमावस्या है। ऐसे में घर की शुद्धि और तैयारी के लिए आपके पास बहुत कम समय है। नवरात्र से पहले ये काम जरूर कर लें। मां दुर्गा के आगमन से पहले घर को पवित्र करना सबसे जरूरी है। शास्त्रों में कहा गया है कि जहां साफ-सफाई होती है, वहीं लक्ष्मी का वास होता है। पूरे घर की झाड़-पोंछ के साथ टूटे बर्तन, बंद घड़ियां, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान और पुराने कपड़ों को घर से बाहर निकाल दें। खासकर उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण को बिल्कुल साफ रखें, यहीं पर कलश स्थापना होगी।
मुख्य दरवाजे को मां का प्रवेश द्वार माना जाता है। इसे पानी से धोकर आम के पत्तों का तोरण और गेंदे के फूल की माला लगाएं। दरवाजे के दोनों तरफ हल्दी से स्वास्तिक बनाएं और कुमकुम-चावल से टीका करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं करती। पूजा की चौकी को गंगाजल से शुद्ध करें। लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला नया कपड़ा बिछाएं। मिट्टी का नया कलश, जौ बोने के लिए मिट्टी की परात, नई लाल चुनरी, अखंड ज्योति के लिए घी और बाती पहले से लाकर रख लें। कलश पर नारियल और अशोक के पत्ते लगाए जाते हैं, इनका इंतजाम भी अभी कर लें। अगर आप 9 दिन अखंड ज्योति जलाने का संकल्प ले रहे हैं तो पीतल या मिट्टी का बड़ा दीया ले लें। ध्यान रहे कि दीया नीचे से चौड़ा हो ताकि 9 दिन तक लगातार जल सके। घी और तेल दोनों की व्यवस्था रखें। ज्योति को कभी अकेला न छोड़ें, इसलिए घर में किसी एक व्यक्ति की ड्यूटी तय कर दें।
नवरात्र में जौ बोना समृद्धि का प्रतीक है। एक मिट्टी के बर्तन में साफ मिट्टी भरकर उसमें जौ डालें। पहले दिन से ही थोड़ा-थोड़ा जल देते रहें। मान्यता है कि जवारे जितने घने और हरे उगते हैं, साल उतना ही खुशहाल रहता है। नवरात्र शुरू होने से पहले ही रसोई से लहसुन-प्याज, मांसाहार और शराब हटा दें। सेंधा नमक, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना और व्रत वाले मसाले स्टॉक कर लें। बर्तन अलग कर लें ताकि व्रत का भोजन पवित्रता से बन सके। घर के साथ-साथ मन की सफाई भी जरूरी है। नवरात्र से 2 दिन पहले से ही बहस, झूठ और नकारात्मक बातों से बचें। रोज सुबह स्नान के बाद "ॐ दुं दुर्गायै नमः" मंत्र का जाप शुरू कर दें। इन छोटे-छोटे कामों को करने से मां दुर्गा प्रसन्न होकर आपके घर में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।
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