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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:43 · नई दिल्ली संस्करण

राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर प्रधानमंत्री का देशवासियों के नाम पत्र

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर प्रधानमंत्री का देशवासियों के नाम पत्र

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ के अवसर पर देशवासियों के नाम विशेष पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने लोकतंत्र को अधिक सशक्त, समावेशी तथा आत्मनिर्भर बनाने के लिए नागरिकों से विशेष संकल्प लेने का आग्रह किया।प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में विशेष रूप से पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि जब भी आपके घर या मोहल्ले में कोई युवा पहली बार मतदाता बने, तो उसका उत्सव जरूर मनाएं। परिवार और अपार्टमेंट में मिठाई बांटकर जश्न मनाया जाना चाहिए। उनका लोकतंत्र में भरपूर स्वागत होना चाहिए, क्योंकि उनके पास देश के भाग्य को बदलने की क्षमता है। प्रधानमंत्री ने मतदान को मात्र एक अधिकार नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि उंगली पर लगने वाली अमिट स्याही भारत के जीवंत लोकतंत्र का प्रतीक है।शिक्षण संस्थानों को लोकतांत्रिक मूल्यों की नर्सरी बताते हुए उन्होंने आग्रह किया कि वे नए मतदाताओं के लिए सम्मान समारोह आयोजित करें, ताकि उन्हें अपनी जिम्मेदारी का अहसास हो सके। शिक्षण परिसरों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर पात्र युवा मतदाता के रूप में पंजीकृत हो। उन्होंने युवाओं की 'कुछ करने' की भावना की सराहना करते हुए उन्हें ‘माई भारत प्लेटफॉर्म’ से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। यह पीढ़ी समय के भरोसे बैठने वाली नहीं, बल्कि परिणाम देने वाली है।भारत के लोकतांत्रिक इतिहास पर गर्व व्यक्त करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में 1951 में पहले आम चुनाव की शुरुआत हुई थी। इस वर्ष देश इन चुनावों के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है। भारत केवल सबसे बड़ा लोकतंत्र ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जननी भी है, जहां संवाद और वाद-विवाद सदियों पुरानी संस्कृति का हिस्सा हैं। इसके अलावा, उन्होंने समावेशी लोकतंत्र के लिए युवा महिलाओं की भागीदारी को नींव की मजबूती के लिए अनिवार्य बताया।प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि हिमालय की चोटियों से लेकर, रेगिस्तान, घने जंगलों और अंडमान-निकोबार के द्वीपों तक, हर भारतीय की मतदान के प्रति प्रतिबद्धता दुनिया के लिए प्रेरणा है। यह दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव प्रबंधन ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र का एक भव्य उत्सव है। लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति मतदाताओं की यह प्रतिबद्धता आने वाले समय के लिए भी बड़ी प्रेरणा होगी।

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