पशुपति को राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी, चिराग लड़ाई को तैयार
लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के बागी गुट ने पशुपति कुमार पारस को अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए जाने का एलान कर दिया है। पार्टी के पटना स्थित बिहार प्रदेश कार्यालय में इसका औपचारिक तौर पर एलान किया गया।
पटना : लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के बागी गुट ने पशुपति कुमार पारस को अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए जाने का एलान कर दिया है। पार्टी के पटना स्थित बिहार प्रदेश कार्यालय में इसका औपचारिक तौर पर एलान किया गया। इसी के साथ लोजपा में राम विलास पासवान (Ram Vilas Paswan) की विरासत की जंग अब रोचक दौर में पहुंच गई है। भतीजे चिराग पासवान (Chirag Paswan) के खिलाफ चाचा पशुपति कुमार पारस (Pashupati Kumar Paras) ने मोर्चा खोल दिया है। बताया जाता है कि 71 सदस्यों ने कार्यसमिति की बैठक में उन्हें अपना अध्यक्ष चुन लिया है। हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। इधर, चिराग ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से कोई नहीं हटा सकता है। पारस गुट के एलान को उन्होंने पार्टी के संविधान के विरुद्ध बताते हुए लंबी लड़ाई का एलान किया।
बिहार में लोजपा का पारस खेमा फिलहाल भारी पड़ता दिख रहा है। पारस के समर्थकों ने पार्टी दफ्तर पर भी कब्जा जमा लिया है। चिराग के समर्थकों ने बुधवार को विरोध जरूर किया था, लेकिन वे भीड़ के सामने मुकाबले में नजर नहीं आए। अब चिराग को लोकसभा अध्यक्ष को दिए आवेदन और न्यायालय के सहारे लड़ाई को आगे बढ़ाने का रास्ता बचता दिख रहा है।
पशुपति कुमार पारस का गुट प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की औपचारिक घोषणा कर देगा। पार्टी नेता प्रदेश कार्यालय में पहुंचने लगे हैं। कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।
बिहार में लोजपा का पारस खेमा फिलहाल भारी पड़ता दिख रहा है। पारस के समर्थकों ने पार्टी दफ्तर पर भी कब्जा जमा लिया है। चिराग के समर्थकों ने बुधवार को विरोध जरूर किया था, लेकिन वे भीड़ के सामने मुकाबले में नजर नहीं आए। अब चिराग को लोकसभा अध्यक्ष को दिए आवेदन और न्यायालय के सहारे लड़ाई को आगे बढ़ाने का रास्ता बचता दिख रहा है।
लोजपा में चल रहे उठापटक के बीच चिराग पासवान के चचेरे भाई प्रिंस राज अलग ही मुश्किल में फंसते दिख रहे हैं। लोजपा की पूर्व पार्टी कार्यकर्ता होने का दावा करने वाली एक लड़की उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अड़ी हुई हैं। वह लगातार मीडिया के सामने आकर प्रिंस पर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगा रही हैं। उनका यह भी कहना है कि चिराग पासवान ने उनका नाम सार्वजनिक तौर पर उछाल कर गलत किया है।
सूरजभान के भाई और लोजपा के सांसद चंदन सिंह ने दावा किया कि पशुपति पारस को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाना पहले से तय हो गया था। पार्टी के 95 फीसद लोग इस पर सहमत थे। इसलिए नतीजे को लेकर किसी को कोई संशय नहीं होना चाहिए।
दोपहर में सूरजभान के आवास पर शुरू हुई बैठक में दस प्रस्तावकों ने पारस के नाम का प्रस्ताव दिया। सूत्रों के अनुसार इसके बाद उन्होंने नामांकन का परचा भरा और उन्हें अध्यक्ष चुना गया।





